बिजनौर। भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के भीतर दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई आपत्तियों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए विभिन्न मांगें की गई हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में लिए गए कुछ निर्णयों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी व्यवस्था से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
ज्ञापन में कांग्रेस ने इन घटनाक्रमों को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। साथ ही मतदाता सूची में किए गए बदलावों और आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी प्रणाली के संचालन की भी समीक्षा की मांग रखी गई है।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने राष्ट्रपति के समक्ष मुख्य रूप से चार मांगें रखी हैं–
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी प्रणाली को केवल दिल्ली में केंद्रीकृत करने के बजाय केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारियों के साथ पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनावी तंत्र का इस्तेमाल सत्तारूढ़ भाजपा को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। ज्ञापन सौपने वालो में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हैनरीता राजीव सिंह, महेश कुमार, हुमायूं वेग,जसविंदर सिंह, योगेन्द्र कुमार, मलखान सिंह, मो. हनीफ आदि बड़ी संख्या मं पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

