
बिजनौर। बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही संचारी रोगों और दिमागी बुखार के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ संचालित किया जाए, ताकि संभावित बीमारियों पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का दूसरा चरण 1 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा, जबकि 11 जुलाई से 31 जुलाई तक ष्दस्तक अभियानष् चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और बुखार से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कर उनका चिन्हांकन किया जाए और संदिग्ध रोगियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
दिमागी बुखार की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और रोग के लक्षणों के प्रति सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने विकास खंडों में साइकिल रैली आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी को गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाने, सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास उगी झाड़ियों और घास-फूस की कटाई कराने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए एंटी-लार्वा गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि संचारी रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता और जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार हैं। उन्होंने सभी विभागों को माइक्रो प्लान के अनुसार समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित सभी खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।