
बिजनौर, 26 अक्टूबर। जनपद में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। शासन के निर्देशों के तहत जिले की 18 नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में 18 स्थानों पर और 11 विकास खंडों में 36 स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस तरह जिले में कुल 54 स्थानों पर महर्षि वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम हुए।
मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि जयंती के अवसर पर चयनित मंदिरों एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन, वाल्मीकि रामायण पाठ, भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख स्थलों पर आठ, 12 अथवा 24 घंटे के अखंड वाल्मीकि रामायण पाठ की व्यवस्था की गई। श्रीराम, श्रीहनुमान और रामायण से जुड़े अन्य मंदिरों में भी आयोजन किए गए।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों का उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के जीवन, विचारों और आदर्शों के साथ रामायण में निहित मानवीय मूल्यों, नैतिकता, सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा। आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों से पहले संबंधित विभागों और आयोजकों ने आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के निर्देशों के क्रम में संबंधित अधिकारियों ने कार्यक्रमों का आयोजन सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से कराया।
इन आयोजनों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों और रामायण के संदेशों के प्रसार के साथ समाज में आपसी सौहार्द, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।



