

सपा प्रमुख अखिलेश यादव एवं सपा सांसद डिंपल यादव प्रेस वार्ता करते हुए (फोटो)
लखनऊ, 26 अगस्त। समाजवादी पार्टी ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला मतदाताओं पर फोकस बढ़ा दिया है। पार्टी सांसद डिंपल यादव ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ शुरू करने का ऐलान किया। वहीं, सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और कालाबाजारी को बढ़ावा देने के आरोप लगाए।
सपा के मुताबिक, प्रस्तावित योजना के तहत महिलाओं को शुरुआत में सालाना 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पार्टी ने कहा है कि भविष्य में इस राशि में बढ़ोतरी की जाएगी।
आधी आबादी को आर्थिक रूप से मजबूत करने का दावा
डिंपल यादव ने कहा कि केवल महिला सशक्तीकरण की बातें करने से महिलाओं की स्थिति नहीं बदलेगी, बल्कि उन्हें समान अवसर और वास्तविक प्रतिनिधित्व देना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक बंदिशों से आगे बढ़कर अपने रास्ते बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की अपील की।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले भी इस योजना की घोषणा कर चुके हैं। मार्च 2026 में उन्होंने कहा था कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा और सालाना 40 हजार रुपये की सहायता देने का वादा किया था।
भाजपा सरकार पर कमीशनखोरी का आरोप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकारी विभागों में बिना कमीशन के काम नहीं हो रहा है। उन्होंने जल जीवन मिशन से लेकर सड़क निर्माण तक में अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कमीशनखोरी और बजट की कथित लूट के कारण सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
लैपटॉप और महिला सुरक्षा का भी मुद्दा
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देकर तकनीक से जोड़ने का काम किया गया था। उन्होंने भविष्य में इंटरमीडिएट पास करने वाली बेटियों को भी लैपटॉप देने की योजना की बात कही। साथ ही महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने का दावा किया।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं का मुद्दा केवल राजनीतिक नारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सपा अध्यक्ष ने महिला आरक्षण को लागू करने और महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा
सपा की महिला योजना की घोषणा ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो रही हैं। हाल के महीनों में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने को लेकर भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी बढ़ी है।
इस लिहाज से ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ को केवल कल्याणकारी घोषणा के बजाय आगामी विधानसभा चुनाव के लिए महिला मतदाताओं को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही सपा की राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। योजना को वास्तविक रूप देने के लिए सत्ता में आने की स्थिति, बजट प्रावधान, पात्रता और क्रियान्वयन की विस्तृत नीति सामने आना अभी बाकी है।

