
बिजनौर 23 अगस्त। करीब 14 वर्ष पुराने प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए सात दोषियों को रविवार को बिजनौर जेल से सेंट्रल जेल बरेली स्थानांतरित कर दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, सातों दोषियों के साथ 33 अन्य कैदियों को भी बरेली भेजा गया है। इस तरह रविवार को कुल 40 कैदियों को बिजनौर जेल से सेंट्रल जेल बरेली भेजा गया।
प्रबल अग्रवाल हत्याकांड का मामला वर्ष 2012 का है। नगर के मोहल्ला जाटान निवासी आलोक अग्रवाल के पुत्र प्रबल अग्रवाल की 19 दिसंबर 2012 की रात हत्या कर दी गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रबल शहनाई मंडप में आयोजित अग्रसेन जयंती कार्यक्रम में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसकी हत्या की घटना सामने आई थी। आरोप था कि प्रबल की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद उसके शव को गंगा में फेंक दिया गया था।
सात दोषियों को जुलाई में सुनाई गई थी उम्रकैद
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने 31 जुलाई 2026 को सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा पाने वालों में विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, संजय गुप्ता, अनुज गुप्ता, राहुल गुप्ता, निखिल अग्रवाल और विशाल अग्रवाल उर्फ रीशू शामिल हैं।
न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद सभी सात दोषी बिजनौर जिला जेल में निरुद्ध थे। रविवार को जेल प्रशासन ने उन्हें अन्य कैदियों के साथ सेंट्रल जेल बरेली भेज दिया।
33 अन्य कैदी भी किए गए स्थानांतरित
जेल प्रशासन के अनुसार, यह स्थानांतरण केवल प्रबल हत्याकांड में सजा पाए दोषियों तक सीमित नहीं था। सात दोषियों के अलावा 33 अन्य कैदियों को भी इसी प्रक्रिया के तहत बरेली भेजा गया। कुल 40 कैदियों को जेल वाहन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सेंट्रल जेल बरेली के लिए रवाना किया गया।
जेल प्रशासन ने बताया सामान्य प्रक्रिया
बिजनौर जेल के जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता ने कैदियों के स्थानांतरण की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कैदियों को सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया जाना जेल प्रशासन की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी प्रक्रिया के तहत रविवार को कुल 40 कैदियों को बरेली भेजा गया। प्रबल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए सातों दोषी भी इसी स्थानांतरण में शामिल रहे।
2012 की घटना के बाद लंबे समय तक चला मुकदमा
प्रबल अग्रवाल की हत्या वर्ष 2012 में हुई थी और मामले की न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चली। करीब 14 वर्ष बाद 31 जुलाई 2026 को न्यायालय द्वारा सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अब सजा पाए सातों दोषियों को बिजनौर जेल से सेंट्रल जेल बरेली स्थानांतरित किए जाने के बाद वे अपनी सजा वहीं पूरी करेंगे।

