
“अब परिवर्तन की एक आस, समण संघ पर विश्वास।”— समण वेद प्रकाश
बिजनौर। ग्रामांचल शांति निकेतन, ग्राम गनौरा में आयोजित कार्यक्रम में समण पुस्तकालय एवं वाचनालय का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर राइटर समण निमेष गौतम, समण लखपत, समण हरिराज एवं समण गजेंद्र ने साहित्य, पोस्टर और कैलेंडर भेंट कर छात्र-छात्राओं को शिक्षा, साहित्य और अपने इतिहास के अध्ययन के प्रति प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के बीच भविष्य के सपनों और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर संवाद हुआ। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कहा—
“मैं IPS बनूँगी और अत्याचार के खिलाफ लड़ूँगी।”
“मैं डॉक्टर बनूँगी और गरीबों का सस्ता इलाज करूँगी।”
“मैं इंजीनियर बनूँगी।”
“मैं टीचर बनूँगी।”
छात्राओं के इन संकल्पों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के सपनों को दिशा देने के लिए शिक्षा, पुस्तकालय और सकारात्मक मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है।

समण संघ की ओर से छात्र-छात्राओं को अपनी पुरातन पहचान, इतिहास, संविधान और शिक्षा के महत्व को समझने के लिए साहित्य का नियमित अध्ययन करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने का स्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, विचार और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम है।
शिक्षा के लिए विद्यालय संस्थापक का किया सम्मान
इस अवसर पर समण वेद प्रकाश ने क्षेत्र के बच्चों को शिक्षित करने के लिए विद्यालय की स्थापना और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए विद्यालय संस्थापक ऋषिपाल सैनी के प्रति साधुवाद व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को समण संघ के उद्देश्य एवं कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि महासमण बुद्ध से लेकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर तक के संघर्षों से समाज के वंचित और शोषित वर्गों को शिक्षा, अधिकार एवं सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुए हैं। इन उपलब्धियों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, संगठन और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना आवश्यक है।
छात्राओं के साथ किया वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान समण संघ के सदस्यों एवं छात्राओं ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
छात्र-छात्राओं ने वक्ताओं से विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब भी किए। छात्राओं के उत्साह और जिज्ञासा की सराहना करते हुए समण संघ की ओर से उनके शैक्षिक एवं सामाजिक विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में मनीष, अरविन्द सहित विद्यालय एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
समण वेद प्रकाश ने कहा कि बच्चों के भीतर शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना की लौ जलाना ही वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शिक्षा और संगठन के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया।



