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लोक अदालत में 75,530 मामलों का निस्तारण

11.77 करोड़ की समझौता धनराशि दिलाई, 57,203 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी समाधान

बिजनौर,12 सितंबर। जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से निस्तारण का व्यापक अभियान चला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार लोक अदालत में कुल 75,530 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में 11,91,571 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई, जबकि पक्षकारों को 11,77,91,935 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई।

    राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार सप्तम ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं से लोक अदालत की भावना के अनुरूप अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से निपटाने का आह्वान किया।
सबसे उल्लेखनीय प्री-लिटिगेशन मामलों का रहा। लोक अदालत में न्यायालय पहुंचने से पहले ही 57,203 मामलों का निस्तारण कराया गया और इनमें 7,42,18,835 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। इससे बड़ी संख्या में लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बचने का अवसर मिला।
मोटर दुर्घटना मामलों में 3.15 करोड़ का समझौता
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ज्ञान प्रकाश सिंह ने 35 मामलों का निस्तारण करते हुए 3,15,15,000 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई। वहीं अतिरिक्त न्यायालय एनआई एक्ट-138 में 34 मामलों का निस्तारण करते हुए 1,08,10,200 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। स्थायी लोक अदालत में तीन मामलों का निस्तारण हुआ और 2,52,000 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई।

जनपद न्यायालय परिसर बिजनौर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार सप्तम एवं अन्य न्यायिक अधिकारीगण (फोटो)

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति चौधरी ने 3,420 मामलों का निस्तारण करते हुए 4,46,360 रुपये जुर्माना वसूल किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम नरेंद्र कुमार ने 2,668 मामलों में 68,700 रुपये तथा एसीजेएम द्वितीय नैन्सी धुन्ना ने 1,097 मामलों में 86,500 रुपये जुर्माना वसूल किया।
न्यायिक अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी
जनपद न्यायाधीश संजय कुमार सप्तम ने चिन्हित आठ में से चार मामलों का निस्तारण किया, जबकि प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुधीर कुमार ने 78 में से 36 मामलों का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश एवं स्पेशल जज ईसी एक्ट लोकेश नागर ने 589 मामलों का निस्तारण किया।
इस अवसर पर परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, स्थायी लोक अदालत तथा विभिन्न न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों के साथ जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे। जनपद न्यायाधीश ने बैंकों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।

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