

बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु में जनवरी से लापता 18 वर्षीय छात्रा को पुलिस ने करीब सात महीने बाद तलाश कर लिया। छात्रा अपनी नाबालिग सहेली के साथ 31 जनवरी को कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। दोनों अपने मोबाइल फोन और पहचान पत्र घर पर छोड़ गई थीं। उनके पास केवल आधार कार्ड और कॉलेज बैग था। काफी समय तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों की शिकायत पर विद्यारण्यपुरा पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया और करीब 10 सदस्यों की टीम बनाकर 100 से अधिक स्थानों पर तलाश की। सफलता नहीं मिलने पर मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा। अप्रैल में हाईकोर्ट ने जांच सीआईडी को सौंप दी।
माले महादेश्वर हिल्स में मिली थी लोकेशन
जांच के दौरान पता चला कि घर से निकलने के कुछ दिन बाद दोनों ने अपने दोस्तों को फोन कर बताया था कि वे माले महादेश्वर हिल्स में हैं। उन्होंने करीब एक सप्ताह बाद दोबारा संपर्क करने की बात कही, लेकिन इसके बाद दोनों से संपर्क नहीं हो सका।
सीआईडी की जांच में सामने आया कि दोनों पहले मैसूरु और फिर चामराजनगर के मंदिरों में गई थीं। इसके बाद वे माले महादेश्वर हिल्स पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर आत्महत्या करने का विचार किया था। इसी दौरान उनकी मुलाकात दो युवकों से हुई, जिन्होंने उन्हें ऐसा करने से रोका। इसके बाद दोनों अलग-अलग युवकों के साथ चली गईं।
मंदिर में की शादी
पुलिस के मुताबिक, 18 वर्षीय छात्रा जिस युवक के साथ गई थी, उसके परिवार ने दोनों का रिश्ता स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों ने एक मंदिर में शादी कर ली और कनकपुरा तालुक के एक गांव में रहने लगे। छात्रा के पास मोबाइल फोन नहीं था, जिसके कारण उसकी तलाश करना पुलिस के लिए चुनौती बनी रही।
जांच में सीआईडी को पता चला कि छात्रा ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक सरकारी स्वास्थ्य योजना के लिए पंजीकरण कराया था। आवेदन में उसने अपने पति का मोबाइल नंबर दर्ज किया था। इसी नंबर पर आए ओटीपी के आधार पर जांच एजेंसी ने नंबर को ट्रेस किया और छात्रा तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
हाईकोर्ट में पेश करने के बाद परिजनों को सौंपा
सीआईडी ने छात्रा को बरामद करने के बाद हाईकोर्ट में पेश किया। अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, छात्रा गर्भवती है। पूछताछ में छात्रा ने बताया कि पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर उसे माता-पिता की डांट का सामना करना पड़ता था और उसे लगता था कि परिवार में उसकी बड़ी बहन को अधिक महत्व दिया जाता है।
उधर, नाबालिग सहेली अब भी लापता छात्रा के साथ घर से निकली नाबालिग सहेली का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस नाबालिग की तलाश जारी रखे हुए है।

