
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने अपने छोटे भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों को पार्टी में किसी भी राजनीतिक पद की जिम्मेदारी नहीं देने का फैसला किया है। मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि उनके परिवार के किसी सदस्य को पार्टी और आंदोलन का लाभ मिलना संगठन के हित में नहीं होगा।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने अविवाहित होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें अपने भाई-बहनों में से किसी एक को अपने साथ रखना पड़ा और अंततः उनके सबसे छोटे भाई आनंद कुमार यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके अनुसार, आनंद कुमार उनकी देखभाल के साथ-साथ उनकी निगरानी में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं।
बसपा प्रमुख ने कहा कि आनंद कुमार के परिवार को इसका राजनीतिक लाभ मिलना पार्टी और आंदोलन के हित में नहीं होगा। इसलिए उन्होंने फैसला किया है कि आनंद कुमार के किसी भी बेटे को बसपा में किसी पद पर राजनीति करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मायावती ने 10 सितंबर को अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को भी पार्टी से पूरी तरह अलग करने की घोषणा की थी। आकाश आनंद को बसपा में पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियां दी गई थीं और उन्हें मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जाता रहा था।
दीपिका आनंद को जिम्मेदारी की संभावना
मायावती ने अपने पोस्ट में आनंद कुमार की बेटी दीपिका आनंद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में आनंद कुमार को उनकी सहायता के लिए किसी अन्य पारिवारिक सदस्य की आवश्यकता होती है, तो दीपिका उनकी मदद कर सकती हैं। मायावती के मुताबिक, दीपिका की ईमानदारी, वफादारी और कार्यक्षमता को देखते हुए भविष्य में उन्हें पार्टी में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दीपिका ऐसी भूमिका निभाने के लिए तैयार नहीं होती हैं तो पार्टी की सहमति से दलित समाज के किसी समर्पित कार्यकर्ता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
