

हापुड़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी के सरकारी आदेश की प्रति।
हापुड़, 23 अगस्त। कारोच जनता पार्टी के देश व्यापी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का असर कहे या कुछ और प्रदेश में इसका असर दिखने लगा है। यहीं कारण है कि कई जिलो के शिक्षा विभाग के आला अधिकारी सरकारी स्कूलो के दरवाजे मीडिया के लिए बंद करने का तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं। इसी क्रम में हापुड़ जिले के परिषदीय विद्यालयों में बिना अनुमति बाहरी लोगों, यू-ट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) दीपा भाटी ने इस संबंध में विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक स्कूल परिसर में फोटो या वीडियो बनाने के लिए भी संबंधित अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।
बीएसए के निर्देशों में कहा गया है कि कुछ बाहरी व्यक्ति और यू-ट्यूबर्स बिना अनुमति विद्यालय परिसर में प्रवेश कर स्कूल तथा शिक्षकों के फोटो-वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करते हैं। विभाग का कहना है कि इससे विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ शिक्षकों की गरिमा और विभाग की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विद्यार्थियों की सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए ऐसे अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के लिए अधिकृत अधिकारियों को जिम्मेदारी
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शासन और प्रशासन की ओर से विद्यालयों के निरीक्षण एवं निगरानी के लिए पहले से ही जनपद और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं। ऐसे में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल गेट बंद रखने के निर्देश
बीएसए ने विद्यालय संचालन के दौरान तथा इसके बाद भी स्कूल का गेट बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि नहीं होने देने और आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामने आए ऐसे आदेश
हापुड़ से पहले प्रदेश के आजमगढ़ में भी बिना अनुमति यू-ट्यूबर्स के सरकारी विद्यालयों में प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश सामने आया था। वहां भी विभाग ने विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान और बच्चों की सुरक्षा को आदेश का आधार बताया था।



