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मुरादाबाद को मिलेंगी 25 एसी इलेक्ट्रिक बसें, प्रदेश के 18 शहरों में चलेंगी 1,725 बसें

योगी कैबिनेट का निर्णय, 12 वर्ष के अनुबंध पर होगा संचालन, निजी ऑपरेटर संभालेंगे व्यवस्था

मुरादाबाद/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की नगरीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुरादाबाद सहित प्रदेश के 18 शहरों में 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल के तहत बसों के संचालन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इस योजना के तहत मुरादाबाद में 25 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का प्रावधान है। इससे शहर के सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों का विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है।

मुरादाबाद में 25 बसों का प्रस्ताव

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार, प्रदेश के 18 शहरों में 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। अनुबंध की अवधि व्यावसायिक संचालन शुरू होने की तारीख से 12 वर्ष निर्धारित की गई है।मुरादाबाद के लिए प्रस्तावित 25 बसें इस राज्यव्यापी योजना का हिस्सा हैं। इन बसों से यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है।

निजी ऑपरेटरों की होगी जिम्मेदारी

जीसीसी मॉडल के तहत चयनित निजी ऑपरेटर बसों की खरीद, चार्जिंग उपकरणों की व्यवस्था, चालकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती तथा बसों के संचालन और रखरखाव का जिम्मा संभालेंगे। निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर उन्हें संचालन एवं रखरखाव शुल्क दिया जाएगा। यात्रियों से लिया जाने वाला किराया सरकार निर्धारित करेगी।

बसों की खरीद पर निर्धारित अनुदान

योजना के अनुसार, 12 मीटर लंबाई की प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस के लिए 40 लाख रुपये और 9 मीटर लंबाई की प्रत्येक बस के लिए 35 लाख रुपये का अनुदान निर्धारित किया गया है। बसों के संचालन के लिए डिपो निर्माण हेतु संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण की ओर से आवश्यकतानुसार भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बताई गई है।

प्रदेश के अन्य शहरों में भी होगा संचालन

योजना में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) शामिल हैं।

लखनऊ और कानपुर में 300-300, वाराणसी में 250, गोरखपुर में 150 तथा आगरा, गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा (जेवर सहित) में 100-100 बसें चलाने का प्रस्ताव है। मुरादाबाद सहित शेष शहरों में भी निर्धारित संख्या के अनुसार बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।

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