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‘02 फीसदी कमीशन दो, वरना एफआईआर-जेल के लिए तैयार रहो!’

जलीलपुर के एडीओ पंचायत पर पंचायत सचिवों ने लगाए गंभीर आरोप, प्रति क्लस्टर 50 हजार रुपये मांगने का भी दावा

’’बिजनौर।’’ विकासखंड जलीलपुर में तैनात ’’सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सुरेंद्र सिंह’’ की कार्यप्रणाली को लेकर ग्राम पंचायत सचिवों में भारी आक्रोश है। उत्पीड़न से तंग आकर पंचायत सचिवों ने एडीओ का तबादला कराने के लिए मोर्चा खोल दिया है। कई सचिवों ने जिलाधिकारी को सामूहिक शिकायती पत्र देकर एडीओ पंचायत पर ’’मानसिक उत्पीड़न, भुगतान के बदले दो प्रतिशत कमीशन मांगने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और कार्रवाई के नाम पर दबाव बनाने’’ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंचायत सचिवों का कहना है कि मांग पूरी न करने पर उन्हें ’’फर्जी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी’’ तक दी जाती है। उनका आरोप है कि विकासखंड में तैनात सचिवों पर जांच के नाम पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में किए गए भुगतानों पर कथित तौर पर ’’दो प्रतिशत कमीशन’’ की मांग की जाती है। सचिवों के मुताबिक, कमीशन देने से इनकार करने पर उन्हें कार्रवाई का भय दिखाया जाता है। इस मामले में अभी तक एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

‘बेटे को नई कार दिलाने के लिए हर क्लस्टर से मांगे जा रहे 50 हजार’

पंचायत सचिवों ने शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, एडीओ पंचायत के बेटे की कार हाल ही में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उसे नई कार दिलाने के लिए एडीओ पंचायत द्वारा सभी सचिवों से प्रति कलस्टर 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस कथित मांग को लेकर भी सचिवों पर दबाव बनाया जा रहा है। सचिवों ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि लगातार दबाव और कथित धमकियों के कारण सभी सचिव मानसिक तनाव में हैं। शिकायत में आशंका जताई गई है कि किसी सचिव के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी।

’’पहले नजीबाबाद में भी शिकायत का दावा’’

पंचायत सचिवों ने अपने शिकायती पत्र में यह भी दावा किया है कि एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह की पूर्व तैनाती ’’नजीबाबाद विकासखंड’’ में थी। वहां भी सचिवों द्वारा उनके कथित उत्पीड़न की शिकायत उच्चाधिकारियों से किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित पुराने अभिलेख अथवा अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।

‘अधिकारी नहीं हटे तो हमारा तबादला कर दीजिए’

मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायत करने वाले सचिवों ने केवल कार्रवाई की मांग नहीं की, बल्कि डीएम के सामने ’’विकल्प भी रख दिया है’’। उनका कहना है कि यदि एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह का जलीलपुर से किसी अन्य विकासखंड में स्थानांतरण नहीं किया जाता तो ’’जलीलपुर में तैनात सभी सचिवों का सामूहिक रूप से अन्य विकासखंडों में स्थानांतरण कर दिया जाए’’, ताकि वे भयमुक्त होकर सरकारी काम कर सकें। शिकायत पत्र में सचिवों ने स्पष्ट किया है कि वे एडीओ पंचायत के साथ काम करने में स्वयं को असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान कराने की मांग की है।

’’अब जांच की बारी, अधिकारी का पक्ष अहम’’

शिकायत में ’’2 प्रतिशत कमीशन और 50 हजार रुपये प्रति क्लस्टर की कथित मांग’’ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है। उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद ने भी इस मामले की जांच करके आख्य भेजने और दोषी पाए जाने पर कार्यवाही करने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए हैं। जांच में इसकी सच्चाई सामने आएगी।

 

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