
लखनऊ, 18 सितंबर। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो देश अपने शिल्पकारों और कारीगरों को सम्मान देता है, वही प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक शिल्प और कारीगरी को आधुनिक तकनीक तथा नए बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को गोरखपुर के जटाशंकर स्थित श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सोनार सहित विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों के लिए उनकी शिल्पकला लंबे समय तक स्वावलंबन का आधार रही है। उनके अनुसार, आजादी के बाद कई दशकों तक पारंपरिक हुनर और कारीगरी को अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिल सका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट तथा रोजगार के अवसरों से जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी और शिल्प से जुड़कर रोजगार तथा स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़े हैं।
पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का शिल्पी बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना की।
योगी ने कहा कि गुरु गोरखनाथ की धरती से भगवान विश्वकर्मा के मंदिर में प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए वह कामना करते हैं कि लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन देश को मिलता रहे और विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री का स्वागत श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानंद शर्मा ने किया। कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, स्थानीय पार्षद छट्ठीलाल गुप्ता सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


