
बिजनौर, 17 सितंबर। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2.0 की शुरुआत की। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 से संबंधित प्रदर्शनी तथा मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण बिजनौर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में किया गया।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम के बाद बिजनौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर ने 200 कारीगरों को निशुल्क टूलकिट वितरित की। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने महिलाओं और कारीगरों से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2.0 का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से कारीगर अपने हुनर को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।
मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने कहा कि कारीगरों का सम्मान और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपायुक्त उद्योग अमित कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत कारीगरों के लिए कुल 25 ट्रेड शामिल किए गए हैं। इनमें 16 पारंपरिक और नौ आधुनिक ट्रेड हैं। योजना के अंतर्गत पात्र कारीगरों को स्वरोजगार के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके साथ ही 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी की व्यवस्था बताई गई है। योजना में प्रशिक्षण के दौरान 5,000 रुपये मानदेय देने का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पारंपरिक और आधुनिक कारीगरों को प्रशिक्षण, उपकरण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, उपायुक्त उद्योग अमित कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में कारीगर मौजूद रहे।
25 ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2.0 के तहत अब कुल 25 ट्रेडों को शामिल किया गया है। योजना में पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक कामकाज से जुड़े ट्रेड भी जोड़े गए हैं। इनमें मोबाइल मरम्मत, कंप्यूटर मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उपकरणों की मरम्मत, प्लंबर, सोलर स्थापना, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे आधुनिक कार्य शामिल हैं। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिन का निशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये के हिसाब से कुल 5,000 रुपये का मानदेय देने का प्रावधान है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कारीगरों को कार्यक्षमता और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 15,000 रुपये तक की उन्नत टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वरोजगार के लिए 10 लाख तक ऋण
उपायुक्त उद्योग अमित कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत पात्र कारीगरों को कारोबार शुरू करने, विस्तार करने और तकनीकी उन्नयन के लिए 10 लाख रुपये तक के परियोजना ऋण की सुविधा मिलेगी। इसमें 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी का प्रावधान है तथा ऋण को बिना गारंटी और बिना ब्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है। ऋण की शर्तों में लाभार्थी के स्वयं के अंशदान का प्रावधान भी है।


