
बिजनौर। सर्पदंश यानी सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक और घरेलू उपचार के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। इसी संदेश के साथ महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बिजनौर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से 12 अक्टूबर को किरतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार और समय पर अस्पताल पहुंचने के महत्व की जानकारी दी गई।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चौधरी ललिता के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. स्नेहा मित्तल और डॉ. अजय प्रजापति ने लोगों को सर्पदंश से जुड़े खतरों और बचाव के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि उसे समय पर उचित उपचार मिल सके।
जागरूकता अभियान के दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर सर्पदंश से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और सही उपचार अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सर्पदंश के प्रति जागरूक करना और समय पर चिकित्सा सुविधा लेने के लिए प्रेरित करना रहा।
प्राचार्य डॉ. चौधरी ललिता ने इस पहल की सराहना करते हुए सामुदायिक चिकित्सा विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आमजन को जागरूक करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन पाठक, डॉ. अमरदीप, डॉ. हरिओम, डॉ. मोहित सैनी, डॉ. डॉली गोस्वामी, डॉ. दीपिका सिंह, शिवानी शर्मा और इंटर्न डॉक्टर मौजूद रहे।



