बिजनौर, 10 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर शनिवार को बिजनौर स्थित सपा जिला कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी आयोजित की गई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने की, जबकि संचालन जिला कार्यालय प्रभारी अखलाक पप्पू ने किया। नगीना विधायक मनोज पारस विशेष रूप से मौजूद रहे।
सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों पर जोर
विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक जीवन समाजवादी विचारधारा, सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष से जुड़ा रहा। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को जनसेवा और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि समाज में वास्तविक समानता स्थापित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, अधिकार और समान अवसर मिलना जरूरी है। गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की मदद करना तथा सामाजिक भेदभाव को दूर करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रेम, दया और आपसी भाईचारे को सामाजिक एकता का आधार बताते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को इन मूल्यों के साथ जनसेवा करनी चाहिए।
हनी फैसल ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकार एवं सम्मान दिलाने के प्रयासों को आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नेताजी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विधायक मनोज पारस ने याद किया नेताजी का संघर्ष
नगीना विधायक मनोज पारस ने मुलायम सिंह यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि नेताजी का जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों के अधिकारों एवं सम्मान के लिए किए गए संघर्ष की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाजवादी विचारधारा, सामाजिक समानता, आपसी भाईचारे और जनसेवा के मूल्यों को मजबूत करने की अपील की। गोष्ठी में वक्ताओं ने नेताजी मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक योगदान और समाजवादी आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में नईम उल हसन, डॉ. रमेश तोमर, राशिद हुसैन, जाकिर हुसैन, चिराग सेठी, राधा सैनी, प्रभा चौधरी, कमलेश भुईयार, महमूद कस्सार, सतपाल सिंह, पंकज बिश्नोई, सोहेल बाकर, शमशाद अंसारी, राशिद राईन, डॉ. शहबाज, कुंतेश सैनी, रामचंद्र भुईयार, सफदर आमिर, आयशा सिद्दीकी, सुखबीर सिंह अहलावत, चौधरी दारा सिंह, ठाकुर योगेंद्र सिंह, मुदित त्यागी, शहजाद अंसारी, अनुज मलिक, सरिता सैनी, पंकज अग्रवाल, मोहम्मद उस्मान, मनोज राजपूत, आबिद खान, जुल्फिकार कुरैशी, डॉ. योगेंद्र चौधरी, कृपा रानी प्रजापति, सुरेश चंद्र गौतम भुईयार, देवानंद भुईयार, सलीम सलमानी, सुरेंद्र वाल्मीकि, डॉ. रहमान, मोहम्मद आदिल, एडवोकेट मेहताबुद्दीन, सैयद काशिफ अली जैदी, रजत त्यागी, शेर सिंह, दानिश, अखलाक, फैज अकरम, श्लोक पवार, अफजल उल हक, तसनीम सिद्दीकी, प्रमोद प्रधान, डॉ. नवीन पवार, जावेद राईन, डॉ. इरफान मलिक, शेख इस्लामुद्दीन, अरविंद कुमार, संजय पाल, अशोक आर्य, इकबाल प्रधान, लोकेंद्र चौधरी, सिराज जैदी और अहमद खिजर खान सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में नेताजी मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके समाजवादी सिद्धांतों, सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया



