
नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
आइसा के अनुसार, प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिली थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। पुलिस कार्रवाई के दौरान सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और छात्र नेता नेहा बोरा समेत कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
आइसा ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने के समान है। संगठन ने हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा करने की मांग की। संगठन का कहना है कि छात्रों और युवाओं को लोकतांत्रिक मुद्दों पर अपनी बात रखने और सवाल उठाने का अधिकार है।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (ैप्त्) को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।




