मेरठ। खरखौदा थाना क्षेत्र की धीरखेड़ा पुलिस चौकी में बाइक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए युवक ने मंगलवार सुबह कथित तौर पर टॉयलेट क्लीनर पीकर जान देने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे पहले एनसीआर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए मेरठ रेफर किया गया। बाद में उसे जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में लापरवाही सामने आने पर एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने चौकी प्रभारी एसआई हरिओम गौतम को निलंबित कर दिया है।
शौचालय जाने के बहाने गया था युवक
पुलिस के अनुसार, गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव निवासी मिथुन को बाइक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। मंगलवार सुबह करीब चार बजे उसने शौच जाने की बात कही। एक पुलिसकर्मी उसे शौचालय तक लेकर गया। करीब 15 मिनट तक बाहर नहीं आने पर पुलिसकर्मी ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा खोलने पर मिथुन अंदर बदहवास हालत में पड़ा मिला। पुलिस के मुताबिक, मिथुन ने बताया कि उसने टॉयलेट क्लीनर पी लिया है। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।
हालत गंभीर होने पर मेरठ रेफर
मिथुन को पहले एनसीआर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया, जहां उसे जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीओ किठौर विश्व ज्योति राय के अनुसार, फिलहाल मिथुन की हालत ठीक बताई जा रही है और उसका पुलिस निगरानी में उपचार चल रहा है।
बाइक चोरी की जांच में सामने आए दो युवकों के नाम
पुलिस के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले नयागांव निवासी राजीव की बाइक चोरी हुई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान भोजपुर थाना क्षेत्र के ईसापुर गांव निवासी मोहित और मनीष के नाम सामने आए।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कथित वारदात वाले दिन दोनों युवकों ने पास की एक दुकान से सामान खरीदा था और उसका ऑनलाइन भुगतान किया था। पुलिस ने दुकानदार से पूछताछ कर डिजिटल भुगतान संबंधी जानकारी की पड़ताल की, जिसके आधार पर दोनों की पहचान होने का दावा किया गया। सोमवार रात दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
चोरी की बाइक मिथुन तक पहुंचने का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि मोहित और मनीष ने कथित तौर पर चोरी की बाइक आगे बेच दी थी। पुलिस का दावा है कि बाइक गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर निवासी मिथुन तक पहुंची थी।
अस्पताल में पुलिस को दिए बयान में मिथुन ने बताया कि मोहित और मनीष ने चोरी की बाइक उसके एक रिश्तेदार को दी थी। रिश्तेदार ने बाइक उसके पास रखी थी। बाद में रिश्तेदार ने उसे बाइक चोरी की होने की जानकारी दी। मिथुन के अनुसार, रिश्तेदार के कहने पर उसने बाइक काटकर उसके पुर्जे तालाब में छिपा दिए।
तालाब से बाइक के पुर्जे बरामद
सीओ विश्व ज्योति राय के अनुसार, मिथुन की निशानदेही पर पुलिस ने उसके भाई को साथ लेकर तालाब में तलाश की, जहां से चोरी की बाइक के कुछ पुर्जे बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में बरामदगी और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
