

स्वतंत्र भारद्वाज
नई दिल्ली, 7 सितंबर। दिल्ली की एक अदालत ने इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किए गए भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान एक दलित छात्रा-कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने उनके खिलाफ मारपीट से संबंधित धाराओं के अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और पॉक्सो अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज किए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान छात्रा के पिता के साथ मारपीट की थी और पुलिस ने उन्हें कुछ समय हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया था। उन्होंने भाजपा नेता कपिल मिश्रा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान से नजदीकी होने का भी दावा किया था।
हालांकि, चिराग पासवान ने भारद्वाज के इस दावे से दूरी बनाते हुए इसे खारिज किया था। पासवान की ओर से भारद्वाज द्वारा उनके नाम के कथित इस्तेमाल को लेकर अलग शिकायत किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
घटना के बाद सीजेपी के नेताओं ने छात्रा और उसके पिता के समर्थन में संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ अतिरिक्त और गंभीर धाराएं जोड़ीं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

