किसानों को बताया वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधि से फसल की उपज लेने का तरीका
-कोतवाली, जलीलपुर एवं अफजलगढ़ विकासखंडों के नौ गांवों में गोष्ठियां आयोजित

बिजनौर। विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 के तहत जनपद के कोतवाली विकासखण्ड के तीन गांवों जहानाबाद, सांगरवाला व ब्राह्मणवाला, जलीलपुर विकासखण्ड के तीन गांवों पीपलसाना, ईस्माइलपुर व बागड़पुर तथा अफजलगढ़ विकासखण्ड के तीन गांवों जाफ्तानगर, रायपुरी तथा जयसिंह जोत में गोष्ठियां आयोजित की गईं। इन गोष्ठियों में किसानों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधि के माध्यम से उन्नत खेती के तरीके बताए गए।
इन गोष्ठियों में कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के वैज्ञानिक, आईसीआर दिल्ली के वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के तकनीकी कर्मचारी ने किसानों को विभिन्न जानकारियां दीं। ग्राम पीपलसाना, ईस्माइलपुर में आयोजित गोष्ठी में बिजनौर के उप कृषि निदेशक गिरीश चंद ने ग्राम पीपलसाना, ईस्माइलपुर में आयोजित गोष्ठी में कृषि विभाग में चल रही योजनाओं, खरीफ सीजन के बीजों एवं उन पर देय अनुदान के बारे में जानकारी दी । उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के विषय में बताया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह ने किसानों को वर्तमान में गन्ने की फसल में आ रही बीमारियों एवं उनके उपचार के विषय में बताया। साथ ही, हरी खाद के महत्व के विषय में भी विस्तृत रूप से जानकारी उपलब्ध करायी गयी। डा० शिवांगी ने कृषकों को बताया कि मृदा की जांच क्यों आवश्यक है? उन्होंने मृदा की जांच के परिणामों के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही धान की डीएसआर पद्धति के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी। सीआईआरसी के वैज्ञानिक रविन्द्र कुमार तथा डॉ. सिद्धार्थ साहा ने गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को पशुपालन के विषय में नवीनतम जानकारी उपलब्ध करायी।
कृषि विज्ञान केंद्र नगीना की प्रभारी डॉ. शकुन्तला गुप्ता ने कृषकों को मशरूम की खेती की तकनीकी जानकारी दी। सहायक विकास अधिकारी (कृषि) मुकेश कुमार ने ग्राम जहानाबाद, सांरगवाला में आयोजित गोष्ठी में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत ईकेवाईसी. आधार सीडिंग एवं अन्य जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रतिमा गुप्ता ने किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जियों की खेती के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी।