जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारी तेज
जिला स्तरीय अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों व तकनीकी सहायकों को दिया प्रशिक्षण


बिजनौर, 14 सितंबर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर सोमवार को विकास भवन सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। पहले दिन जिला स्तरीय अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, जनगणना सहायकों और तकनीकी सहायकों को जनसंख्या गणना से संबंधित कार्यों, दायित्वों और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में अधिकारियों को बताया गया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत स्व-गणना (ैमस-िम्दनउमतंजपवद) 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक की जाएगी। इसके बाद घर-घर जाकर जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी। छूटे हुए परिवारों और आवश्यक संशोधनों के लिए रिविजनल राउंड 5 से 9 जनवरी 2027 तक चलेगा। उत्तर प्रदेश के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 को शून्य बजे निर्धारित की गई है। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की 5 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुरूप है।
प्रशिक्षण के दौरान जनसंख्या गणना के लिए निर्धारित प्रश्नावली, परिवार एवं परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया, डेटा की शुद्धता तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़े संकलित करने के संबंध में जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गणना के दौरान प्रत्येक परिवार से निर्धारित जानकारी सावधानीपूर्वक प्राप्त की जाए और किसी भी प्रकार की त्रुटि, दोहराव अथवा छूट से बचने के लिए आवश्यक सत्यापन किया जाए।
प्रशिक्षक जेपी यादव ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं आवासीय गणना का कार्य किया गया था। अब द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसी के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कार्य पूरा करने तथा आंकड़ों की गुणवत्ता और शुद्धता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), वान्या सिंह सहित विभिन्न तहसीलों के उप जिलाधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी, चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक, जनगणना सहायक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

