बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में मंगलवार को अपराह्न 01:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी सेल एवं पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2027 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना माननीय मुख्यमंत्री की संकल्पना है, जिसे साकार करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य में संचालित समस्त आर्थिक गतिविधियों का राज्य आय में योगदान बढ़ाना तथा उसका सही और सटीक आकलन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि राज्य घरेलू उत्पादन (SGDP) के आकलन हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित पद्धति के अनुसार आर्थिक गतिविधियों को प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इन सभी क्षेत्रों का योगदान उत्पादन, मूल्य, वेतन एवं रोजगार से संबंधित आंकड़ों के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
जिलाधिकारी ने कृषि, विद्युत, उद्यान, परिवहन सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दो दिवस के भीतर अपने-अपने विभागीय आंकड़ों का मिलान संबंधित पोर्टल पर सुनिश्चित करें, जिससे जिले की प्रगति किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जिला स्तर पर आंकड़ों का मिलान संभव न हो, तो संबंधित विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया जाए।
पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे में पूर्ण सहयोग के निर्देश
पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के अंतर्गत यूनिकारपोरेटेड सेक्टर एंटरप्राइजेज से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि रोजगार एवं बेरोजगारी की स्थिति के सटीक आकलन हेतु सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत संचालित इस सर्वेक्षण में सभी विभाग पूर्ण सहयोग प्रदान करें। इससे श्रम बाजार से संबंधित आंकड़ों की नियमित एवं विश्वसनीय उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सुश्री लक्ष्मी देवी, धर्मवीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


