
बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत ब्यूरो। मझोला गुर्जर चौराहे पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के तत्वावधान में चक्रवर्ती सम्राट राजा मिहिर भोज की 1189 वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। मंगलवार को क्षेत्र के मंझौला गुर्जर चौराहा स्थित एसकेएम पब्लिक इंटर कॉलेज के सभागार में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी मे अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रचार मंत्री डॉ मनोज कटारिया ने कहा कि चक्रवर्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट राजा मिहिर भोज के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धार्मिक दृष्टि से सम्राट मिहिर भोज विष्णु के वराह अवतार के उपासक व वैष्णव परंपरा के समर्थक थे परंतु उनके साम्राज्य में अन्य धर्मों एवं परंपराओं का भी पूर्ण सम्मान था।
सम्राट राजा मिहिर भोज को एक महान शासक के रूप में स्मरण किया जाता है, जिन्होंने न केवल अपने साम्राज्य को सुदृढ़ किया, बल्कि उत्तर भारत में राजनैतिक स्थिरता और सांस्कृतिक उत्थान का मार्ग भी प्रशस्त किया। अनिल कुमार उर्फ बबलू की अध्यक्षता एवं प्रधानाचार्य शिवकुमार कटारिया के संचालन में सम्पन्न कार्यक्रम में बिजेन्द्र सिंह उर्फ भोलू, नवनीत कटारिया, नरेश कुमार, अनिल कुमार, परम सिंह, मेघराज सिंह, ब्रह्मदेव सिंह, सुमन देवी, सुनील कुमार आदि ने विचार व्यक्त किया व पुष्पांजलि दी।