कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा स्नान मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। चांदपुर क्षेत्र के नारनौर गंगा घाट पर एसडीएम प्रशांत वर्मा और पुलिस क्षेत्राधिकारी देश दीपक सिंह ने मेला समिति के पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
लेकिन निरीक्षण के दौरान रास्ते की जो तस्वीर सामने आई, वह प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। गंगा घाट तक पहुंचने वाले करीब 80 प्रतिशत रास्ते पर कीचड़ और गीली मिट्टी जमा है। हालात ऐसे थे कि अधिकारियों को भी घाट तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा लेना पड़ा।

कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा स्नान मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। चांदपुर क्षेत्र के नारनौर गंगा घाट पर एसडीएम प्रशांत वर्मा और पुलिस क्षेत्राधिकारी देश दीपक सिंह ने मेला समिति के पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
लेकिन निरीक्षण के दौरान रास्ते की जो तस्वीर सामने आई, वह प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। गंगा घाट तक पहुंचने वाले करीब 80 प्रतिशत रास्ते पर कीचड़ और गीली मिट्टी जमा है। हालात ऐसे थे कि अधिकारियों को भी घाट तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा लेना पड़ा।
अधिकारियों ने जलभराव को पंपिंग सेट से निकलवाने और रास्ते में उगी पटेरा व जंगली घास की सफाई जल्द कराने के निर्देश दिए। वहीं घाट के स्वरूप को बेहतर बताते हुए कहा कि साफ-सफाई और बाकी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
अब देखना होगा कि मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले रास्तों और अन्य व्यवस्थाओं को कितना दुरुस्त किया जा पाता है।
अधिकारियों ने जलभराव को पंपिंग सेट से निकलवाने और रास्ते में उगी पटेरा व जंगली घास की सफाई जल्द कराने के निर्देश दिए। वहीं घाट के स्वरूप को बेहतर बताते हुए कहा कि साफ-सफाई और बाकी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
अब देखना होगा कि मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले रास्तों और अन्य व्यवस्थाओं को कितना दुरुस्त किया जा पाता है।




