नजीबाबाद, बिजनौर। महिलाओं के सम्मान, शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की प्रेरणा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार देर शाम बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ परिसर में “माता रमाबाई का अष्टपैलू व्यक्तित्व” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (भारतीय बौद्ध महासभा), जिला शाखा बिजनौर (उत्तर प्रदेश पश्चिमांचल) के तत्वावधान में वर्षावास प्रवचन मालिका-2026 की शृंखला के क्रम में किया गया।।

कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्धाचार्य मामराज बौद्ध ने बुद्ध वंदना तथा त्रिशरण-पंचशील के साथ किया। इसके बाद माता रमाबाई के व्यक्तित्व और उनके जीवन से मिलने वाली प्रेरणाओं पर विचार रखे गए।
महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
मुख्य अतिथि श्रेद्धया आदेश भावरा ने विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए महिलाओं को शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने माता रमाबाई के जीवन से प्रेरणा लेते हुए महिलाओं के सम्मान, सामाजिक भागीदारी और प्रगति के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ के अध्यक्ष गोविन्द सिंह बौद्ध ने की, जबकि संचालन मास्टर विमल सिंह ने किया।
26 अक्टूबर तक जारी रहेंगे वर्षावास के कार्यक्रम
इस अवसर पर बौद्धाचार्य एवं केंद्रीय शिक्षक मामराज सिंह बौद्ध ने बताया कि 29 जुलाई से 26 अक्टूबर 2026 तक वर्षावास प्रवचन मालिका के अंतर्गत बुद्ध वंदना, त्रिशरण-पंचशील, धम्म देशना, धम्म चर्चा और विभिन्न विषयों पर विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इन कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होकर भगवान बुद्ध के धम्म का श्रवण करने तथा उसके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों, करुणा, मैत्री, बंधुत्व और शांति की भावना को मजबूत करने का अवसर मिलता है।

बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने की सहभागिता
विचार गोष्ठी में गीता रानी, बबीता, संगीता, ममता, राखी, दीपा, पूजा, मूलचंद, डॉ. सहदेव, वीरेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, सूरज सिंह, लोकेश, राजेश कुमार सागर, दिलेरराम रवि, कमल सिंह, सरिता रानी, सर्वेश, रश्मि, कैलाश, अनीता रानी, अंजूषा सिंह, गजेंद्र सिंह, मास्टर रामकुमार, राजवीर सिंह, अमित कुमार और डॉ. के.पी. सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान बुद्ध के धम्म का श्रवण किया और समाज में शांति, करुणा, मैत्री तथा बंधुत्व की स्थापना के लिए प्रयासरत रहने का संकल्प लिया। समापन पर सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई। आयोजकों ने वर्षावास की शेष अवधि में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में नियमित सहभागिता कर प्रवचन मालिका को सफल बनाने का आह्वान किया।


