
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार, 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (ैम्ड) के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों को एक वर्ष तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर छोड़ा गया।
तीनों नेताओं को शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले विमान के दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (ठछैै) की धाराओं 126 और 170 के तहत एहतियाती कार्रवाई की गई थी। द इंडियन एक्सप्रेस और दिल्ली पुलिस के बयान के मुताबिक, रविवार को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां रिहाई की प्रक्रिया पूरी हुई।
् सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने भी तीनों नेताओं की रिहाई की जानकारी दी। उनके वकील सौतिक बनर्जी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि तीनों अब वहां से जा सकते हैं।
रिहाई के बाद सीजेपी की पोस्ट-‘कॉकरोच कभी मरते नहीं’
तीनों नेताओं की रिहाई के बाद सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया, “कॉकरोच कभी मरते नहीं।” वहीं, आशुतोष रांका ने रिहाई के बाद बताया कि संगठन रविवार दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। इस दौरान संगठन की ओर से आगे की रणनीति और आंदोलन को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की संभावना थी।
सीजेपी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रही है। मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटाए जाने संबंधी आरोपों की पुष्टि संबंधित निर्वाचन अभिलेखों और आधिकारिक जांच से ही हो सकती है।
दूसरे दिन भी प्रदर्शन की तैयारी, जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई
सीजेपी ने रविवार को भी प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया था। इसे देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे लोगों को हिरासत में लिया। सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने रविवार सुबह फिर प्रदर्शन करने की बात कही थी।
इसी बीच, कुछ वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े युवाओं ने राजीव चौक से जनपथ की ओर मार्च निकालने की कोशिश की। खबरों के अनुसार, इस दौरान करीब 50 से 60 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (।प्ैथ्), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और क्रांतिकारी युवा संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई।
ध्रुव राठी भी हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा
यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार से हिरासत में लिया गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया गया। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने उनकी रिहाई की पुष्टि की थी। यह कार्रवाई दिल्ली में ब्श्रच् के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले की गई थी।
हिरासत की संख्या पर अलग-अलग दावे
द हिंदू के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के आधार पर शनिवार को लगभग 2,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया। रिपोर्ट में प्रदर्शन से पहले की गई एहतियाती कार्रवाई के दौरान करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लेने का भी उल्लेख था।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता जताई। भारत सरकार ने इस बयान पर आपत्ति जताई और इसे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया।




