
बिजनौर, 17 सितंबर। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इसके बाद विचार गोष्ठी आयोजित कर कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीकी कर्मियों और मेहनतकश वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक योगदान पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने की तथा संचालन जिला महासचिव धनंजय सिंह यादव ने किया। गोष्ठी में जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल, श्रम और निर्माण के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास में कारीगरों, शिल्पकारों और तकनीकी कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुसार, श्रमिकों, कारीगरों और वंचित वर्गों के अधिकारों एवं सम्मान से जुड़े मुद्दों को पार्टी लगातार उठाती रही है।
कार्यक्रम में विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार अपने कौशल एवं परिश्रम के माध्यम से समाज और अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं। उन्होंने कारीगरों को आधुनिक तकनीक, शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और बाजार की बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई, ताकि पारंपरिक हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
वक्ताओं ने कहा कि बदलती तकनीक और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध होने से पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों को अपने कौशल को विकसित करने और रोजगार के नए अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है।
इस अवसर पर डॉ. राजपाल विश्वकर्मा, आशुतोष विश्वकर्मा, चिराग सेठी, दारा सिंह, शाहजाद अंसारी, प्रभा चौधरी, मुदित त्यागी, कमलेश भुय्यार, अनुज मलिक, महमूद कासर, प्रमोद प्रधान, दिलशाद अंसारी, अखलाक पप्पू, रामचंद्र भुय्यार, देवानंद भुय्यार, मनोज राजपूत, रघुवीर सिंह, सुभाष शर्मा, अनिल शर्मा, सुरेंद्र वाल्मीकि, संजय पाल, सद्दाम चौधरी, नमन प्रधान और अहमद खिजर खान सहित पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं विश्वकर्मा समाज के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सृजन, कर्म और कौशल के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


