

ईवीएम-वीवीपैट का प्रतिकात्मक (फोटो)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश के 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीएम), उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (थ्स्ब्) से जुड़े सुपरवाइजरों को सोमवार, 14 सितंबर को लखनऊ बुलाया गया है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार अधिकारियों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशिक्षण एवं प्रबंध अकादमी, लखनऊ में आयोजित होगी। कार्यशाला में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
सात मंडलों के 33 जिलों के अधिकारी होंगे शामिल
14 सितंबर की कार्यशाला में अयोध्या, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, संभल, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन और ललितपुर के अधिकारी शामिल होंगे। ये जिले लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या और देवीपाटन मंडलों से संबंधित हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक एफएलसी की प्रक्रिया को पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और एफएलसी सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एफएलसी के प्रत्येक चरण की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी दी जाएगी।


