
बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत ब्यूरो। जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने कहा कि निषादराज वोट सब्सिडी योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन एवं मत्स्य आखेट पर निर्भर निर्धन मत्स्य पालकों व मछुआरों को जलक्षेत्र में शिकार माही तथा मत्स्य प्रबन्धन के लिए आर्थिक रूप से मजबूत स्वावलम्बी बनाना है। इस योजना से गरीब मछुआरों को अनुदानित वोट मिलने में उनको अपनी आजीविका चलाने में सहायता प्राप्त होगी।
डीएम श्रीमती कौर बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा निषाद राज बोर्ड सब्सिडी योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय कमेटी की बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि निषादराज वोट सब्सिडी योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों एवं मछुआरों को नाद जाल आदि के क्रय आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी जिससे उनके परिवार के भरण पोषण में मदद होगी।
उन्होंने संबंधित को निर्देशित किया कि मत्स्य पालकों एवं मछुआरा समुदाय के व्यक्तियों को मत्स्य आखेट एवं नदियों/जलाशयों में मत्स्य प्रबन्धन व संरक्षण के माध्यम से रोजगार एवं आजीविका के लिए जलाशयों, तालाबों, नदिया एवं अन्य जल संसाधनों में बिना इंजन की नाव, जाल, लाइफ जैकेट एवं आईस बॉक्स आदि पर 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्ण जांच एवं भौतिक सत्यापन के उपरांत ही लाभार्थी का चयन करें और कोई भी अपात्र व्यक्ति शासकीय योजनाओं से लाभान्वित न होने पाए।
उन ने संबंधित को निर्देशित किया कि मत्स्य पालकों एवं मछुआरा समुदाय के व्यक्तियों को मत्स्य आखेट एवं नदियों/जलाशयों में मत्स्य प्रबन्धन व संरक्षण के माध्यम से रोजगार एवं आजीविका के लिए जलाशयों, तालाबों, नदिया एवं अन्य जल संसाधनों में बिना इंजन की नाव, जाल, लाइफ जैकेट एवं आईस बॉक्स आदि पर 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पूर्ण जांच एवं भौतिक सत्यापन के उपरांत ही लाभार्थी का चयन करें और कोई भी अपात्र व्यक्ति शासकीय योजनाओं से लाभान्वित न होने पाए।