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गरीबों को मिलेगा बिना ब्याज ऋण और मकान निर्माण के लिए 2.40 लाख की मदद

अन-फीडिंग वर्ल्ड बैंक योजना का भव्य शुभारंभ

बिजनौर, गोवर्धन मीडिया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा है कि अन फीडिंग वर्ल्ड बैंक की अभिनव योजना उत्तर प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आई है।

अपर निदेशक, अन फीडिंग वर्ल्ड बैंक आरएन गर्ग द्वारा प्रेषित पत्र के हवाले से जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अपर निदेशक श्री गर्ग ने जानकारी दी कि यह अंतर्राज्यीय बैंकिंग मॉडल, भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत, अपने जीरो डिपॉजिट आरडी अकाउंट के माध्यम से देशभर के लाभार्थियों की चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार प्रशिक्षण सहित आवश्यक जरूरतों की पूर्ति के लिए बिना ब्याज के ऋण और नगद सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की सबसे खास बात है कि छोटे घरों के निर्माण के लिए पात्र लाभार्थियों को 2.40 लाख की सहायता राशि दी जाएगी, वह भी बिना किसी अग्रिम राशि, शुल्क या दस्तावेजी औपचारिकता के। इसे अब तक दुनिया में पहली बार ‘बिल्कुल फ्री स्कीम’ के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि यह योजना हाल ही में लखनऊ के विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री द्वारा शासन-प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन कर लांच की गई है।

इस योजना के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश के सभी विकासखंडों में आउटसोर्सिग एजेंसियों को नियुक्ति की जा रही है। पहले चरण में हर ब्लॉक में 200 लोन ऑफिसर अनुबंध के आधार पर नियुक्त होंगे, जो 250 लाभार्थियों का चयन एवं उनके लिए लोन अकाउंट खोलने का कार्य करेंगे। इन लोन आफिसरों को 22,000 प्रतिमाह मानदेय, और प्रत्येक सफल लोन पर संबंधित एजेंसी को 2000 एवं यूनियन को 1000 का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट और आउटसोर्सिंग एजेंसी एसोसिएशन द्वारा अनुबंधित व्यवस्था के तहत की जाएगी। प्रचार-प्रसार एवं फॉल्ड मार्केटिंग की जिम्मेदारी बर्ड पार्टी को सौंपी गई है। केंद्र एवं राज्य सरकारें समय-समय पर इसका निरीक्षण भी करेंगी।

श्री गर्ग ने स्पष्ट स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पूरी परियोजना पूर्णतया निःशुल्क एवं पारदर्शी है तथा किसी भी प्रकार का शुल्क लेना कानूनन अपराध माना जाएगा। इसके अलावा, किसी भी दावे या विवाद में परियोजना का निर्णय ही अंतिम माना जाएगा। प्रदेश को 75 से 100 ब्लाक लेवल आउटसोर्सिंग एजेंसियों को शीघ्र आवंटन पत्र जारी किए जायेंगे और प्रत्येक जिले के लिए स्थायी प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। श्री गर्ग ने प्रदेश के सभी अधिकारियों से जनकल्याणकारी परियोजना में पूर्ण सहयोग का अनुरोध किया है ताकि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक इस योजना का लाभ सरलता से पहुंचाया जा सके।

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