
बिजनौर, गोवर्धन मीडिया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने भारी बरसात के बीच जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने सबसे पहले मालन नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित ग्राम कछियाना और मुअज्जमपुर तुलसी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एसडीएम को पानी के प्रवाह मार्ग में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे हटाए जाएं ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो।
तदुपरांत जिलाधिकारी ने चिड़ियापुर के पास कोटा वाली नदी से मिर्जापुर उर्फ पीतमपुरा जाने वाले रास्ते का भी निरीक्षण किया। यहां ग्रामवासियों द्वारा बनाए गए अस्थाई पुल के दोनों एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त मिले। उन्होंने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को तत्काल सेंड बैग लगाकर कटान रोकने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित ग्राम बड़िया का भी डीएम ने निरीक्षण किया। यहां स्थानीय ग्रामवासियों ने मालन नदी पर अस्थाई पुल बनाया था। नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण एप्रोच रोड के कटान की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिलाधिकारी ने इस कटान को रोकने के लिए अधिशासी अभियंता को प्रभावी कदम उठाने को कहा।जिलाधिकारी कौर ने कोटद्वार-नगीना मार्ग पर ग्राम ढकिया 52 सराय के पास सुखरो नदी द्वारा हो रहे एप्रोच रोड के कटान का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी नगीना को सड़क को कटान से बचाने के लिए तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नदी के बीच में बिजली का टेढ़ा खंभा पाए जाने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत, नगीना को इसे तुरंत सीधा करवाने के निर्देश दिए। अंत में जिलाधिकारी द्वारा ग्राम सारंगवाला क्षेत्र के अंतर्गत खो नदी द्वारा कृषि भूमि के किए जा रहे कटान का निरीक्षण किया गया। उन्होंने उक्त कटान को रोकने के लिए अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड अफजलगढ़ को तत्काल सेंड बैक लगाने सहित अन्य आवश्यक तथा प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्मृति मिश्रा, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधिशासी अभियंता बाढ़ नियंत्रण सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।