
बिजनौर, 8 अक्टूबर। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ बैठक की। उन्होंने शासन की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मानकों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि हाल में लखनऊ में हुई घटना से सबक लेते हुए कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को संस्थानों का निरीक्षण कर निर्धारित मानकों के अनुपालन की निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सभी कोचिंग सेंटर संचालकों से अंडरटेकिंग अथवा शपथ पत्र लेने के निर्देश दिए, जिसमें वे यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके संस्थान में शासन की गाइडलाइन के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं और भविष्य में भी संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों के तहत किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित ने कहा कि कोचिंग संचालकों को नियमों और सुरक्षा मानकों की जानकारी देने के लिए तहसीलवार कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। इनमें अग्निशमन विभाग के दिशा-निर्देशों समेत अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में संचालकों को जानकारी दी जाए।
16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश नहीं
बैठक में कोचिंग संस्थानों के संचालन से जुड़े विभिन्न नियमों की जानकारी दी गई। संचालकों को भ्रामक विज्ञापन नहीं करने, विद्यालय के निर्धारित समय में कोचिंग का संचालन नहीं करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि विद्यार्थी विद्यालय समय में कोचिंग न लें। साथ ही 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कोचिंग में प्रवेश नहीं देने के प्रावधान का पालन करने को कहा गया।
कोचिंग सेंटरों को अपनी फीस का पूरा विवरण वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा और फीस जमा करने पर विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से रसीद देनी होगी। संस्थान में कार्यरत फैकल्टी से संबंधित जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। विद्यार्थियों की शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रत्येक संस्थान में शिकायत पेटी की व्यवस्था करने और कोचिंग सेंटर का जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 25 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
फायर सेफ्टी पर विशेष जोर
अग्निशमन अधिकारी ने कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों की जानकारी दी। भूतल पर संचालित कोचिंग सेंटरों में फायर एक्सटिंग्विशर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। वहीं, भूतल एवं प्रथम तल तक संचालित संस्थानों में 5,000 लीटर तथा भूतल सहित द्वितीय तल तक संचालित संस्थानों में 10,000 लीटर क्षमता के पानी के टैंक की व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी गई।
आपात स्थिति में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भवन के पीछे या उपयुक्त स्थान पर स्टील की आपातकालीन सीढ़ी की व्यवस्था करने को कहा गया। इसके अलावा संस्थानों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक डीके सक्सेना, संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न कोचिंग सेंटरों के संचालक मौजूद रहे



