बिजनौर। जनपद में एक नवंबर 2026 को मेगा वृहद विधिक सहायता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में आयोजित होने वाले इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित ने बताया कि शिविर के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान, चिन्हांकन और पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि उन्हें संबंधित योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।
शिविर में आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों, दिव्यांगजनों, बच्चों, महिलाओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सहित अन्य पात्र वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र की योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित होने वाले इस शिविर के सफल संचालन के लिए जिलाधिकारी के 12 अक्टूबर 2026 के आदेश के तहत अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को समस्त प्रभारियों का दायित्व सौंपा गया है। वहीं, जिला विकास अधिकारी, बिजनौर को विकास विभाग का नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लाभार्थियों का चिन्हांकन एवं पंजीकरण पूरा करने तथा आपसी समन्वय के साथ आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।



