
बिजनौर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद में एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराया जाएगा। इसके तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, संशोधन कराने और अपात्र प्रविष्टियों के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें मतदेय स्थलों के युक्तिकरण, पुनर्व्यवस्थापन और पुनर्निर्धारण के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
मतदेय स्थलों की संख्या में बदलाव का प्रस्ताव
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, वर्तमान में जनपद में 1,651 मतदान केंद्र और 3,092 मतदेय स्थल हैं। समीक्षा के बाद 1,658 मतदान केंद्र और 3,064 मतदेय स्थलों का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को अनुमोदन के लिए भेजा गया है। प्रस्तावों पर स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन और प्रस्ताव तैयार किए जाने की प्रक्रिया चलेगी। 19 अक्टूबर को आलेख्य सूची प्रकाशित कर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। 26 अक्टूबर को सांसदों, विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुझावों एवं आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर तक प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे जाने हैं। मतदेय स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन की प्रक्रिया दो नवंबर तक पूरी किए जाने का कार्यक्रम है।
चार जनवरी को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, निर्वाचक नामावलियों की एकीकृत आलेख्य सूची का प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चार जनवरी 2027 को निर्धारित है।
18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवाओं को मिलेगा अवसर
एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रपत्र-6 के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से नए पात्र मतदाताओं को चिह्नित करने और पंजीकरण के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा मतदाता सूची में लिंगानुपात और ईपी रेशियो में सुधार पर ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने मतदेय स्थलों के निर्धारण में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर देते हुए मतदाताओं की सुविधा, मतदान केंद्र तक पहुंच, भवन की उपलब्धता, सुरक्षा और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दिव्यांग एवं अशक्त मतदाताओं के लिए रैंप जैसी सुविधाओं का भी ध्यान रखने को कहा गया।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदेय स्थलों के प्रस्तावों की समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा में अपने सुझाव एवं आपत्तियां देने की अपेक्षा की गई। इस दौरान संबंधित निर्वाचन एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।





