
– लॉ और फैशन डिजाइनिंग की डिग्री लेने के बाद हो गया नशे का आदी
– शोरूम खोलने के लिए साइबर क्राइम के जरिए व्हाट्सएप पर मांगता था रूपए
धामपुर/बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत ब्यूरो।
बिजनौर जनपद में धामपुर तहसील की उपजिलाधिकारी रितु रानी को धमकी देकर और 15 लाख रूपए की रंगदारी मांगकर सनसनी फैला देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्त में आए इस आरोपी ने एसडीएम को धमकी देकर प्रशासन और पुलिस की नींद उड़ा दी थी।
गौरतलब है कि 24 जुलाई 2025 को धामपुर की एसडीएम रितु रानी के सीयूजी मोबाइल नंबर पर मैसेज भेज कर धमकी देते हुए 15 लाख रूपए देने की डिमांड की थी। मैसेज में लिखा था कि रूपए नहीं दिए, तो एनआईए के एसआई तंजील अहमद हत्याकांड की तरह उनका भी बुरा हश्र कर दिया जाएगा। एसडीएम के सीयूजी मोबाइल नंबर पर धमकी भरे इस मैसेज के बाद प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया था। एसडीएम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस तत्काल जांच पड़ताल में जुट गई थी। लेकिन, साइबर तकनीकी के जरिए आरोपी द्वारा वर्चुअल नंबर से एसडीएम को धमकी दिए जाने की वजह से पुलिस के लिए आरोपी को ट्रेस कर पाने में मुश्किल आ रही थी। खैर, करीब एक माह की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने एडवांस तकनीकी का प्रयोग करते हुए आरोपी को ढूंढ निकाला।
सीओ धामपुर अभय कुमार पांडेय के अनुसार एसडीएम को धमकी देने वाला आरोपी धीरज रेड्डी पुत्र नंदीगारा पेरेसवारा रेडी, थाना माधापुर, जिला रंगा रेड्डी, कमिश्नरेट सायबेराबाद, हैदराबाद, तेलंगाना में रहता है। उन्होंने बताया कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस करके उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम हैदराबाद भेजी गई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए धीरज रेड्डी पुत्र नंदी गारा पेरेसवारा रेड्डी निवासी अयप्पा सोसायटी थाना मधापुर रंगा रेड्डी तेलंगाना को गिरफ्तार किया है।
“मुझे नहीं मालूम था कि, यह नंबर एसडीएम का है…”
धामपुर। पकड़ा गया आरोपी धीरज रेड्डी फिजिकल ट्रेनर भी रहा है। और, हैदराबाद में कमर के दर्द आदि का एक्यूप्रेशर से इलाज करता है। आरोपी नशे का आदी है। इसके पास फैशन डिजाइनिंग के साथ साथ लॉ की भी डिग्री है। वह अपना शोरुम खोलना चाहता था, जिसके लिए उसने साइबर अपराध के जरिए पैसा कमाने का प्लान बनाया था। व्हाट्सएप नंबर पर मेसेज भेज कर लोगों से धन की मांग करने लगा। इसी दौरान उसने धामपुर की उपजिलाधिकारी को भी मैसेज भेज दिया। यह नंबर एसडीएम का है, इस बात की अज्ञानता ही इस शातिर आरोपी को सलाखों में खींच लाई। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया है कि उसे नहीं मालूम था, कि यह नंबर धामपुर की एसडीएम का है। नहीं, तो वह कदापि मैसेज न भेजता।