बिजनौर, 8 अक्टूबर। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में स्वयं सहायता समूहों के गठन, वित्तीय सशक्तीकरण, रिवॉल्विंग फंड वितरण और लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य की समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एनआरएलएम ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
समीक्षा में सामने आया कि स्वयं सहायता समूहों के गठन में बिजनौर की प्रदेश स्तर पर 21वीं रैंक और रिवॉल्विंग फंड वितरण में 18वीं रैंक है। वहीं, लखपति दीदी बनाने के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष जिले में केवल 54 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने इन आंकड़ों पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रगति में सुधार के निर्देश दिए।
9,501 समूहों के लक्ष्य के सापेक्ष बने 2,144 समूह
बैठक में बताया गया कि पिछले 13 वर्षों में जिले में करीब 2.35 लाख लोगों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक 9,501 स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 2,144 समूहों का गठन किया गया।
हाउसहोल्ड सैचुरेशन और समूह गठन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने मोहम्मद देवमल, कोतवाली, नजीबाबाद, किरतपुर और जलीलपुर समेत संबंधित विकास खंडों के ब्लॉक मिशन मैनेजरों को चेतावनी जारी करने के निर्देश उपायुक्त स्वरोजगार को दिए।
लखपति दीदी के लक्ष्य पर भी तेजी के निर्देश
वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखपति दीदी बनाने के लिए 1,54,914 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 54 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर प्रगति बढ़ाने और पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख मानकों पर जिले की प्रगति राज्य के औसत के अनुरूप होनी चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
डीएम ने एनआरएलएम की योजनाओं में बैंकों के सहयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ अलग बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बैंक अधिकारियों को योजनाओं और उनकी भूमिका के प्रति संवेदनशील किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाने और कार्यों में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह सहित एनआरएलएम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


