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‘बेटी बचाओ भाजपा का नारा नहीं, चेतावनी थी’, कानून-व्यवस्था पर आराधना मिश्रा का योगी सरकार पर हमला

कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने महिला अपराधों को लेकर सरकार को घेरा, बोलीं -बेटियों की सुरक्षा में विफल रही सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ’ भाजपा का नारा नहीं, बल्कि चेतावनी थी और अब प्रदेश की स्थिति सबके सामने है।

आराधना मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने पिछले एक सप्ताह में बुलंदशहर, बस्ती, बांदा, सोनभद्र, कौशांबी, ललितपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ में सामने आई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सवाल केवल अलग-अलग घटनाओं का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था का है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से सवाल किया कि यदि स्कूल, सड़क और घर से जुड़ी जगहों पर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।

आंकड़ों का हवाला देकर सरकार पर निशाना

आराधना मिश्रा ने महिलाओं के खिलाफ अपराध, दुष्कर्म, हत्या और एसिड अटैक से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही घटनाएं सरकार के सामने कानून-व्यवस्था सुधारने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती को रेखांकित करती हैं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी किया जिक्र

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने 30 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर हुई सुनवाई का भी उल्लेख किया। इस सुनवाई में न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर तीखी मौखिक टिप्पणी की थी। रिपोर्टों के अनुसार पीठ ने सवाल उठाया कि यदि जांच की कार्यशैली पर इसी तरह सवाल उठते रहे तो लोगों का पुलिस पर भरोसा कैसे कायम रहेगा और यहां तक कहा कि बेहतर होगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जांचों में सीबीआई को शामिल किया जाए तथा पुलिस को ही भंग कर दिया जाए।

आराधना मिश्रा ने कहा कि शीर्ष अदालत की ऐसी टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को कानून-व्यवस्था तथा पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं की सुरक्षा, कानून के शासन और नागरिकों के अधिकारों के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरती रहेगी।

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