
रामपुर,20 सितंबर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में सांप के काटने का एक मामला अस्पताल में उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब 60 वर्षीय बुजुर्ग सांप को बोतल में बंद करके जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंच गए। बुजुर्ग का कहना था कि डॉक्टर अक्सर सांप की पहचान और उसके आकार-प्रकार के बारे में सवाल करते हैं, इसलिए वह काटने वाले सांप को पहचान के लिए साथ ले आए।
पटवाई क्षेत्र के बहपुरा गांव निवासी बख्तर शुक्रवार को घर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान सांप ने उनके हाथ में काट लिया। घटना के बाद उन्होंने सांप को पकड़कर बोतल में बंद किया और उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए।
बोतल में सांप देखकर इमरजेंसी में मची हलचल
बख्तर ने इमरजेंसी में चिकित्सकों के सामने बोतल रखी तो उसमें सांप देखकर वहां मौजूद मरीज और तीमारदार घबरा गए और कौतुहल से देखने लगे। चिकित्सकों ने सांप की पहचान करने के बाद बख्तर को एंटीवेनम इंजेक्शन दिया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया। बख्तर के अनुसार, सांप काटने के बाद डॉक्टर यह जानना चाहते हैं कि सांप कैसा था, उसकी लंबाई कितनी थी और उसके मुंह या शरीर पर किस तरह के निशान थे। इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए वह सांप को साथ लेकर अस्पताल आए थे।
अस्पताल में इस महीने 21 मरीज पहुंचे
जिला अस्पताल के डाक्टरो के अनुसार, सितंबर में अब तक सांप के काटने के 21 मरीज उपचार के लिए पहुंच चुके हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीजों को आवश्यकता के अनुसार एंटीवेनम देकर उपचार किया गया। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से मरीजों की स्थिति में सुधार हुआ।
डॉक्टर ने दी सांप न पकड़ने की सलाह
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि बख्तर को सांप ने काटा था और वह उसे बोतल में बंद करके अस्पताल ले आए थे। सांप की पहचान के बाद उन्हें एंटीवेनम दिया गया और उनकी हालत में सुधार है।



