12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 81,812 वाद चिन्हित

बिजनौर, 24 अगस्त। आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर सोमवार को जिला जजी परिसर स्थित एडीआर भवन के सभागार में दो महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। पहली बैठक में विभिन्न विभागों और बैंकों के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया, जबकि दूसरी बैठक न्यायिक अधिकारियों के साथ आयोजित की गई। बैठक में अधिक से अधिक वादों का चिन्हीकरण कर उनका आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर संजय कुमार सप्तम के मार्गदर्शन में शाम 3:30 बजे आयोजित पहली बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जनपद न्यायाधीश लोकश नागर ने की। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाति चन्द्रा ने किया।
बैठक में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों और बैंकों के प्रबंधकों ने अब तक चिन्हित किए गए वादों की जानकारी दी। उप जिलाधिकारी बिजनौर के अनुसार राजस्व विभाग से 59,812 वाद, दूरसंचार विभाग से 800 वाद तथा अग्रणी बैंक के अनुसार विभिन्न बैंकों से 22,000 वाद चिन्हित किए गए हैं। इस प्रकार इन तीन प्रमुख क्षेत्रों से कुल 82,612 वाद चिन्हित होने की जानकारी बैठक में दी गई।
नोडल अधिकारी ने अधिकारियों से राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लोक अदालत के दिन पक्षकारों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उप जिलाधिकारी को जजी परिसर में मूलभूत सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
न्यायिक अधिकारियों के साथ भी हुई बैठक
इसके बाद शाम 4:30 बजे न्यायिक अधिकारियों के साथ दूसरी बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता भी नोडल अधिकारी लोकश नागर ने की और संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वाति चन्द्रा ने किया। न्यायिक अधिकारियों को चिन्हित वादों के अधिकतम निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही चिन्हित मामलों में नोटिसों की तामील कम से कम दो बार कराने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक पक्षकार लोक अदालत में उपस्थित होकर विवादों का समाधान करा सकें।
12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक वाद, धारा 138 एनआई एक्ट के मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रम वाद, बैंक वसूली संबंधी मामले, विद्युत अधिनियम के वाद, राजस्व वाद, सिविल वाद, मोटर वाहन ई-चालान तथा लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन के माध्यम से पारिवारिक विवादों का भी आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा।
बैठक में न्यायिक अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बैंक प्रबंधक मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय और तैयारियां समय से पूरी करने पर जोर दिया गया।


