
नजीबाबाद, 29 जुलाई। आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (भारतीय बौद्ध महासभा), जिला शाखा-बिजनौर (उ प्र पश्चिमांचल) एवं बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में नजीबाबाद स्थित बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ परिसर में वर्षावास प्रवचन मालिका-2026 का शुभारंभ भगवान बुद्ध की वंदना, त्रिशरण-पंचशील एवं धम्म देशना के साथ हुआ। कार्यक्रम में धम्म चर्चा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें भगवान बुद्ध के उपदेशों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ के अध्यक्ष गोविन्द सिंह बौद्ध ने की। संचालन केंद्रीय शिक्षक एवं बौद्धाचार्य मामराज सिंह बौद्ध ने किया।

इस अवसर पर गोविन्द सिंह बौद्ध ने कहा कि वर्षावास आत्मचिंतन, अनुशासन, करुणा और धम्म साधना का पर्व है। उन्होंने भगवान बुद्ध के धम्म को भाषा और संस्कृति के साथ जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

बौद्धाचार्य एवं केंद्रीय शिक्षक मामराज सिंह बौद्ध ने बताया कि 29 जुलाई से 26 अक्टूबर 2026 तक वर्षावास प्रवचन मालिका के क्रमानुसार बुद्ध वंदना, त्रिशरण-पंचशील, धम्म देशना, धम्म चर्चा एवं विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता कर धम्म श्रवण का लाभ उठाने की अपील की।

कार्यक्रम में दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया, शाखा बिजनौर की महिला उपाध्यक्ष ऋषा बौद्ध, रूपा बौद्ध, तिलक राम बौद्ध, वीर सिंह बौद्ध, नरेश कुमार बौद्ध, अंजूषा सिंह तथा मिथलेश सहित बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाओं एवं महिलाओं ने भाग लिया। तथा भगवान बुद्ध के धम्म का श्रवण कर समाज में शांति, करुणा, मैत्री और बंधुत्व की स्थापना का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में खीर का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ प्रसाद ग्रहण कर आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अंत में आयोजकों ने धम्मानुरागियों एवं बुद्ध अनुयायियों से वर्षावास की संपूर्ण अवधि में नियमित रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

