
बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत।
महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती आज बिजनौर में बड़े हर्षोल्लास और ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर मॉर्निंग क्लब बिजनौर के तत्वाधान में शुक्रवार प्रातः नेहरू स्टेडियम में एक सांकेतिक दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नेहरू स्टेडियम में दौड़ के समापन के बाद नुमाइश चौक स्थित एक संस्थान में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने नेताजी के संघर्षपूर्ण जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक (ओडिशा) में हुआ था। देशभक्ति का जज्बा उनमें इस कदर था कि सिविल सेवा परीक्षा में चौथी रैंक हासिल करने के बावजूद उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं की और देश की आजादी के लिए सर्वस्व त्याग दिया।
वक्ताओं ने याद दिलाया कि नेताजी द्वारा दिए गए “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” और “जय हिंद” जैसे जोशीले नारों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नई जान फूंक दी थी। वर्ष 2021 से उनकी जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाकर देश उनकी वीरता को नमन कर रहा है।
इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. प्रमोद कुमार, अशोक कुमार यादव, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक एमपी सिंह, अवनीश ठाकुर, रामपाल सिंह, विपिन अग्रवाल एवं रामेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


