
बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत ब्यूरो। जनपद के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में “कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर” (सीएचओ) के पद पर काम करने वाले कर्मचारियों ने शनिवार, 23 अगस्त 2025 को धरना प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिले भर से आए सीएचओ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए धरना दिया तथा अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा । उन्होंने नोडल अधिकारी आरसीएच पर दबाव बनाकर कार्य लेने, अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मानसिक उत्पीड़न करने, निर्धारित लक्ष्य प्रेतिदिन 05 की बजाय 20 ई-संजीवनी परामर्श कराने और बगैर प्रशिक्षण टीबी आईडी बनवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। धरनारत सीएचओ ने स्वास्थ्य विभाग के जिला और शासन स्तर के अधिकारियों से अपनी समस्या का समाधान कराने की आवाज उठाई है।
जिलाधिकारी के नाम सौंपे गए ज्ञापन में प्रदर्शनकारी कम्युनिटी हेल्थ आफिसर्स ने कहा है कि प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार प्रत्येक सीएचओ को प्रतिदिन 5 ई संजीवनी परामर्श करने का निर्देश है। इसके विपरीत नोडल अधिकारी आरसीएच डॉ. अनिल कुमार द्वारा प्रत्येक सीएचओ पर प्रतिदिन 20 ई संजीवनी परामर्श कराने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जो कि मूल आदेश से भिन्न है। इस कारण ई परामर्श की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है तथा औसत समय मानक भी पूरा नहीं हो पाता। इसी तरह अपर निदेशक एवं राज्य क्षय रोग अधिकारी उप्र के स्पष्ट निर्देश हैं कि टीबी उन्मूलन अभियान में सीएचओ केवल सहयोग एवं प्रेरणा प्रदान करेंगे, टीबी रोगियों की आईडी बनाना उनका कार्य नहीं है। इसके विपरीत नोडल अधिकारी द्वारा बिना लॉजिस्टिक सुविधा एवं प्रशिक्षण के सीएचओ पर टीबी रोगियों की आईडी बनाने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। इस प्रकार की कार्यवाही टीबी आंकड़ों में भ्रम एवं त्रुटि उत्पन्न कर सकती है। यदि टीबी स्टाफ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के साथ सीएचओ की सहभागिता ली जाए, तभी अभियान गुणवत्तापूर्ण रूप से संपन्न हो सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि समस्याओं को उठाने पर नोडल अधिकारी द्वारा अनुचित भाषा का इस्तेमाल कर वेतन काटने जैसी धमकी दी जाती है। इस वजह से सीएचओ अत्यधिक मानसिक दबाव में कार्य कर रहे हैं।
डीएम के नाम सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि स्योहारा ब्लॉक के समस्त सीएचओ का वेतन अभी तक आहरित नहीं हुआ है, जिससे सभी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कुछ ब्लॉकों में जनवरी एवं फरवरी माह का आरोग्य मंदिर सफाई कर्मियों का मानदेय भी अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।
सीएचओ ने ज्ञापन में समस्याओं के निवारण के लिए जनपद में नियमानुसार मासिक बैठक करने, एएएमएचआर गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित करने, सीएचओ की वार्षिक वेतन वृद्धि तथा संविदा कर्मियों को 10 प्रतिशत लायल्टी बोनस दिलाने आदि की मांगें भी की गई हैं।