

लखनऊ, 16 सितंबर। नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने साथियों के माध्यम से सूचना मिली है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाई गई। सांसद ने इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ‘मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता’।
आजाद ने मंगलवार को आजाद समाज पार्टी के आधिकारिक एक्स अकाउंट से जारी वीडियो में कहा कि वह यह बात जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं और उनके पास इस संबंध में सूचनाएं और स्रोत हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि कथित हत्या की साजिश के साथ-साथ बाराबंकी में उनके काफिले के साथ हुई घटना की भी जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले में शामिल लोगों की भूमिका सामने आ सके।
‘मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता’
सांसद ने अपने विरोधियों को संबोधित करते हुए कहा कि मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि उनकी हत्या की साजिश वास्तव में रची गई है तो जांच के जरिए इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से डरने के बजाय संघर्ष जारी रखने की अपील की।
आजाद ने यह भी कहा कि मामला केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि सुरक्षा प्राप्त एक निर्वाचित सांसद के काफिले पर पथराव और वाहनों को आग लगाने की कोशिश जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में कमजोर और वंचित वर्गों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।
गोंडा जाते समय बाराबंकी में रोका गया था काफिला
यह मामला उस घटना के बाद सामने आया है, जब चंद्रशेखर आजाद गोंडा में मारे गए कारोबारी विनोद कुमार साहनी के परिजनों से मिलने जा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, बाराबंकी के शहाबपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया था। इस दौरान पुलिस और उनके समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। बाद में काफिले पर पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोप भी सामने आए।
आजाद ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि कुछ लोग पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील सामग्री बोतलों में लेकर उनकी गाड़ियों में आग लगाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने इसे सामान्य विवाद के बजाय गंभीर सुरक्षा मामला बताते हुए जांच की मांग की है। इन आरोपों की भी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विनोद साहनी हत्याकांड के बाद बढ़ा विवाद
गोंडा के कारोबारी विनोद कुमार साहनी की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, साहनी पर हमले के मामले में तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस की लापरवाही के आरोप में अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी की गई है। मामले की जांच जारी है।


