मेरठ, राष्ट्रीय पंचायत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को सरधना स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के प्रथम और द्वितीय चरण के समस्त कार्यों को 31 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए, ताकि लोकार्पण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके।
यूनिवर्सिटी के प्रतीक चिन्ह और परिधान का अनावरण
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के आधिकारिक परिधान (Uniform), प्रतीक चिन्ह (Logo) और फ्लैग (Flag) को लॉन्च किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने अब तक की प्रगति और आगामी शैक्षणिक सत्र की कार्ययोजना पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत की।
नये सत्र से अपने कैंपस में लगेंगी क्लास
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि….
– विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम अगस्त 2025 से ही शुरू हो चुका है, जो वर्तमान में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में चल रहा है।
– आगामी नए सत्र से यूनिवर्सिटी अपनी स्वयं की बिल्डिंग और कैंपस में शिफ्ट हो जाएगी।
– गंगनहर के किनारे 100 एकड़ में बन रही इस यूनिवर्सिटी के लिए प्रथम चरण में 250 करोड़ रुपये और दूसरे चरण के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
खिलाड़ी बनेंगे कोच, हर कमिश्नरी में होगा स्पोर्ट्स कॉलेज
– मुख्यमंत्री ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं
– अनुभवी कोच : विश्वविद्यालय में बेहतरीन फैकल्टी तैनात की जाएगी और देश के पूर्व खिलाड़ियों की सेवाओं को कोच के रूप में लिया जाएगा।
– स्पोर्ट्स कॉलेज: इस यूनिवर्सिटी को केंद्र मानकर प्रदेश की हर कमिश्नरी में एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
– प्राइवेट एकेडमी को मदद: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं की खेल में रुचि और ओलंपिक पदकों को देखते हुए, खेल प्रोत्साहन में जुटी निजी खेल एकेडमियों को भी राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी।
मेरठ से खेल क्रांति का नया नेतृत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ ‘क्रांति की धरा’ होने के साथ-साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के माध्यम से खेल सामग्री का हब भी है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रही यह यूनिवर्सिटी न केवल प्रदेश, बल्कि देश की खेल सामर्थ्य को वैश्विक मंच पर ले जाने का कार्य करेगी।
बैठक में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री दिनेश खटीक, डॉ. सोमेन्द्र तोमर, सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान सहित शासन और प्रशासन के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
– डेडलाइन: 31 मई 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य।
– विस्तार: 100 एकड़ क्षेत्रफल में तैयार हो रहा है वर्ल्ड क्लास कैंपस।
– कोर्स: स्पोर्ट्स से जुड़े डिग्री, डिप्लोमा और शोध के पाठ्यक्रम होंगे संचालित।
– पर्यावरण: परिसर में व्यापक वृक्षारोपण के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश।
