बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत ब्यूरो। हाल ही में नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम बिजनौर में बदइंतजामी के आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों की सुर्खियां बने हैं। इसी बीच स्टेडियम प्रशासन और खेल विभाग ने शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को दावा किया है कि स्टेडियम को आधुनिक खेल सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। स्टेडियम के बारे में लगाए जा रहे आरोप मित्थ्या और भ्रामक हैं।
इस संबंध में जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार का कहना है कि स्टेडियम में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। स्टेडियम में आधुनिक जिम भी स्थापित है। जिसमें प्रशिक्षक आदित्य सिंह की देखरेख में खिलाड़ी फिटनेस पर काम कर रहे हैं। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम का स्केटिंग रिंक प्रदेश के टॉप-3 रिंक में शुमार है। स्केटिंग रिंक में शुभम तोमर जैसे अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षक तैनात हैं। यहीं से वैष्णवी शर्मा, श्रेया व आकृति जैसी खिलाड़ी निकलीं हैं।
क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्टेडियम के बैडमिंटन कोर्ट में कोच की कमी बताई गई, जबकि वर्तमान में बैडमिंटन कोर्ट में कोच के रूप में शबाब आलम की तैनाती है। एक कोर्ट पर सिंथेटिक मैट भी बिछाया गया है। उन्होंने बताया कि एथलेटिक्स खिलाड़ियों द्वारा प्रतिबंधित साधनों के उपयोग पर जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है।
ग्राउंड और रनिंग ट्रैक रूट दो माह की बारिश से प्रभावित हुआ है। बारिश के कारण घास की कटाई एवं ट्रैक मरम्मत कार्य प्रभावित रहा है। खिलाड़ियों की प्रतियोगिताओं को देखते हुए कुछ समय बाद शीघ्र ही मरम्मत कराने का कार्य कराया जाएगा।
सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बारे मे जिला क्रीड़ाधिकारी राजकुमार का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें भ्रामक और असत्य हैं। स्टेडियम में उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। और, खिलाड़ियों की सुविधा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।” उनका कहना है कि कुश्ती प्रशिक्षक की नियुक्ति के लिए कई बार खेल निदेशालय को पत्र भेजा जा चुका है। जबकि, वॉलीबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल प्रशिक्षकों की तैनाती की मांग लंबित है। इसके लिए, जिला क्रीड़ाधिकारी कार्यालय लगातार प्रयासरत है।
वहीं, हाकी प्रशिक्षक चित्रा चौहान का कहना है कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। स्केटिंग प्रशिक्षक शुभम तोमर का कहना है कि “बिजनौर का रिंक प्रदेश के टॉप-3 में है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहीं से निकले हैं।” वहीं, वेटलिफ्टिंग प्रशिक्षक विशाल कुमार का कहना है कि “प्रतिबंधित साधनों का प्रयोग पूरी तरह गलत है। खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन से सफलता की राह दिखा रहे हैं।”
स्टेडियम प्रशासन ने स्टेडियम की सुविधाओं के बारे में जिक्र करते हुए बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रथम क्याकिंग-कैनोइंग सेंटर भी खेल विभाग द्वारा नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में संचालित है। यह केंद्र खिलाड़ियों को जल क्रीड़ा (वॉटर स्पोर्ट्स) की आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। जिससे जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। फिरोज खान की तैनाती क्याकिंग कैनोइंग प्रशिक्षक के रुप में नियुक्ति की गयी है।
आधुनिक शूटिंग रेंज: “जनपद बिजनौर में प्रदेश के टॉप 3 में शामिल वातानुकूलित शूटिंग रेंज स्थापित है, जहां प्रशिक्षक सादिक अनीस खेल प्रशिक्षण दे रहे हैं।
लॉन टेनिस कोर्ट: जीर्णाेद्धार कर सिंथेटिक कोर्ट में परिवर्तित किया गया है।
तरणताल (स्विमिंग पूल): 34 साल बाद टाइल्स का पूर्ण नवीनीकरण किया गया है।
“यहां से भी उठे स्टेडियम में अव्यवस्था के आरोप”
बिजनौर। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में नियमित रूप से मॉर्निंग वाक के लिए आने वाले गोविन्दा मॉर्निंग क्लब के सदस्यों विजयदीप चौधरी बबलू भाई, दीपक गर्ग, तिरुपति ऑटोमोबाइल्स के उपेंद्र चौधरी, डॉक्टर कर्मेंद्र भंडारी आदि का आरोप है कि स्टेडियम में गंदगी फैली रहती है तथा बड़ी-बड़ी घास उग आई है।
इनमें सांप के बिल भी बने हुए हैं, जिससे सांप के आवागमन का डर बना हुआ है। इसके अलावा स्टेडियम में नशे के इंजेक्शन के खाली सिरिंज मिलने तथा फिटनेस के लिए खिलाड़ियों द्वारा प्रतिबंधित दवाओं के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि मॉर्निंग क्लब के सदस्यों के उक्त आरोप और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की खबरें कुछ समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई हैं। जिसके जवाब में जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार द्वारा शुक्रवार, 29 अगस्त को मीडियाकर्मियों को प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई हैं। जिसमें उन्होंने नेहरू स्टेडियम में खिलाड़ियों को मुहैया कराई जा रही सुविधाओं से आम जनमानस को रूबरू कराया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित दवाइयों और इजेक्शन की सिरींज आदि की जो वीडियो वायरल की जा रही है, वह स्टेडियम की नहीं है। उन्होंने बताया कि एक नाला टूटा हुआ है। जिसके जरिए इस तरह की चीजों सहित काफी कचरा पानी में बहकर स्टेडियम की बाउंड्री के भीतर घुसा जाता है।