बिजनौर, संवाददाता। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र 25 जुलाई को श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेंगे। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर उन्हें अयोग्य घोषित किया था, जिसके बाद सरकार पर उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आठ साल बीतने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया।
शिक्षामित्र संगठन के पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी सुचित मलिक ने बताया कि कई समितियां बनीं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। शिक्षामित्र संगठन के पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी ने बताया कि 25 जुलाई को जनपद बिजनौर के सभी शिक्षामित्र दोपहर 12 बजे बाद जिलाधिकारी कार्यालय के प्रांगण मे एकत्र होकर मृत साथियों को श्रद्धांजलि देंगे और मुख्यमंत्री के नाम जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।।
उन्होने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन और सुविधाओं की मांग को सरकार अनदेखा कर रही है, जबकि संविदा कर्मचारियों को कई लाभ दिए जा रहे हैं।।
सुचित मलिक ने जनपद के सभी शिक्षामित्रो से एक दिन उन साथियों के नाम करने का आह्वान किया जो अब कभी लौट कर नही आएंगे। उन्होंने अपील की है कि सभी शिक्षामित्र अधिक से अधिक संख्या मे अवकाश लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचें।