
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं और सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज कार्यों की प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभाग अपनी रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करें। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड और जिला अनुश्रवण पुस्तिका के तहत सितंबर 2026 तक की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा में बताया गया कि कुल 84 कार्यक्रमों और परियोजनाओं में से 59 ए श्रेणी, चार बी, चार सी और चार डी श्रेणी में रहे, जबकि 13 कार्यक्रमों को लागू न होने के कारण ‘नॉट एप्लीकेबल’ श्रेणी में रखा गया। डीएम ने कम रैंकिंग वाले कार्यक्रमों की पहचान कर उनके प्रदर्शन में सुधार करने और मुख्य प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित रहने पर दुग्ध विकास अधिकारी और सेतु निगम के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिए गए।
निर्माण कार्यों की होगी औचक जांच
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरे कर उन्हें चालू हालत में लाया जाए। कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए निर्माण शुरू होने से पहले, निर्माण के दौरान और कार्य पूरा होने के बाद की तस्वीरें उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इससे प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की जा सकेगी।
छात्रवृत्ति और आवास योजनाओं की समीक्षा
बैठक में दशमोत्तर छात्रवृत्ति, दिव्यांगजन कल्याण, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति तथा आवासीय योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य आवासीय योजनाओं में अनियमितताओं और शिकायतों की स्थिति उत्पन्न न होने देने पर भी जोर दिया गया।
सीएनडीएस, लोक निर्माण विभाग और यूपी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड समेत विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्यों तथा संपर्क मार्गों की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विद्युत आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर भी नजर
विद्युत आपूर्ति की समीक्षा के दौरान संबंधित अभियंता ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने की जानकारी दी। डीएम ने कहा कि आपूर्ति की वास्तविक स्थिति की पुष्टि के लिए विभिन्न स्तरों से फीडबैक लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को नियमित निगरानी करते हुए योजनाओं और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय रैंकिंग, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक में संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।




