नजीबाबाद, राष्ट्रीय पंचायत संवाददाता। आरटीआई कार्यकर्ता ने उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी कानून के बोर्ड सरकारी कार्यालय के बाहर लगाए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे एक पत्र में आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने बताया कि पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनहित की सेवाओं को समयबद्ध तरीके उपलब्ध कराने के उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम को लागू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को समयबद्ध तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराना है। अधिनियम के तहत पदाभिहित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं ।नियम के अनुसार, पदाभिहित अधिकारी के आदेश के खिलाफ 30 कार्य दिवस में प्रथम अपील की जा सकती है।
वही प्रथम अपील के आदेश के विरुद्ध 60 कार्य दिवस में द्वितीय अपील का प्रावधान है। यदि निर्धारित समय में आवेदन का निस्तारण नहीं होता है, तो आवेदक 30 दिन के भीतर प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं।इसके अलावा प्रत्येक कार्यालय को अपने बाहर एक बोर्ड लगाना होगा। इस बोर्ड पर पदाभिहित अधिकारी, प्रथम और द्वितीय अपीलीय अधिकारियों का पूरा विवरण होना चाहिए। इसमें उनके पदनाम, दूरभाष नंबर, कार्यालय का पता और सेवाओं की समय सीमा का उल्लेख अनिवार्य है। इसके बावजूद अभी भी कई सरकारी कार्यालयो के बाहर उक्त बोर्ड नहीं लगे हुए हैं जिस कारण से वर्तमान में कई जनहित के कार्य आम जनमानस के समय से हल नहीं हो रहे हैं और आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें बेवजह शासन को पत्राचार करना पड़ता है। अत आमजन की परेशानी को देखते हुए यूपी जनहित गारंटी कानून के बोर्ड शासनादेश सहित प्रत्येक सरकारी विभाग के कार्यालय के बाहर लगाए जाने के आदेश जारी करने की कृपा करें ताकि आ रही ही परेशानियों का समाधान हो सके।
उधर इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय ने संयुक्त सचिव अरविंद मोहन को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए हैं।