
बिजनौर, राष्ट्रीय पंचायत ब्यूरो। पंजाब नेशनल बैंक की पीएनबी शिवाला कला में 15 करोड़ के घोटाले का शिकार बने 228 खाताधारकों में से 36 की रकम बैंक ने वापस कर दी, लेकिन शेष 192 खाताधारक अभी भी अफसरों से न्याय मांग रहे हैं। न तो इन्हें पैसा वापस किया जा रहा है और न ही घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। किसान नेता चौधरी दिगंबर सिंह और पीड़ित खाताधारकों ने अब डीएम का दरवाजा खटखटाया है।
पंजाब नेशनल बैंक की शिवाला कला शाखा में हुए घोटाले के पीड़ित किसानों तथा उपभोक्ताओं को साथ लेकर भाकियू अराजनीतिक युवा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस मौके पर डीएम को शिकायती पत्र देते हुए चौ. दिगंबर सिंह ने बताया कि गत वर्ष पंजाब नेशनल बैंक की शाखा शिवाला कला में खाताधारकों के साथ लगभग 15 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ था, जिसमें हेड कैशियर कामिल हुसैन जेल भी जा चुका है। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक ने इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए जांच की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। उस समय प्रथम दृष्टया जांच में कई लोगों के साथ बैंक के कैशियर द्वारा धोखाधड़ी होना पाया गया था। उसके आधार पर बैंक ने हेड कैशियर के खिलाफ शिवाला कला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था और पुलिस की जांच में हेड कैशियर कामिल हुसैन को दोषी पाते हुए जेल भेज दिया गया था। जांच में 228 खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी होना सिद्ध हुआ था और जांच रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर दी गई थी। इनमें से 36 खाता धारकों की रकम बैंक द्वारा वापस दी जा चुकी है, लेकिन शेष 192 खाताधारक अभी भी दर दर की ठोकरें खा रहे हैं।
इस संबंध में सीबीआई जांच करने की मांग भी भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक द्वारा की गई थी, जिसमें तत्कालीन जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने संस्तुति करने की बात भी कही थी। 192 खाताधारक किसानों की मांग पर घोटाले की उच्चस्तरीय जांच करने के लिए जो कमेटी बनाई गई थी, उसमें उप जिलाधिकारी चांदपुर को भी शामिल किया गया था, किन्तु उप जिला अधिकारी ने जांच करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि यह जांच बहुत ही बारीकी से करनी होगी, इसलिए इस जांच को कोई उच्चस्तरीय कमेटी ही कर सकती है।
दिगंबर सिंह ने संगठन की ओर से जिलाधिकारी जसजीत कौर से मांग की कि घोटाले का शिकार हुए बैंक खाताधारकों के पैसे वापस कराए जाएं। साथ ही उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग को भी दोहराया है। डीएम से मिलने वालों में संगठन की ओर से अतुल कुमार बालियान व ठाकुर उत्तम सिंह आदि शामिल रहे।