
बिजनौर, गोवर्धन मीडिया। जिला बिजनौर की तहसील सदर एवं तहसील चांदपुर के 10-10 गांव तथा तहसील धामपुर के 22 ग्रामों में 2500 परिवारों के 11342 सदस्य बाढ़ से प्रभावित हैं।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन द्वारा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव से संबंधित कार्य युद्ध स्तर पर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल दो बाढ़ राहत कैंप बनाए गए हैं, जिनमें एक तहसील बिजनौर के ग्राम घासी वाला तथा दूसरा बाढ़ राहत शिविर तहसील चांदपुर के ग्राम खानपुर खादर में स्थापित किया गया है। जबकि तहसील बिजनौर के ग्राम पंचायत इटावा ग्राम घासी वाला (राहत शिविर में) तथा ग्राम रावली एवं ब्रह्मपुरी तथा तहसील चांदपुर के ग्राम खानपुर खादर में स्थापित (राहत शिविर में) किचन संचालित हैं जहां ताजा भोजन बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराए जाने की समुचित व्यवस्था की गई है।श्रीमती कौर ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी बाढ़ पीड़ितों को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ खाद्यान्न एवं राहत उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में बाढ़ प्रभावित शिविरों एवं लोगों को रविवार को 1070 खाद्यान्न किटों का वितरण किया गया है, जिनमें बिजनौर तहसील में 425, नजीबाबाद में 100, चांदपुर में 470 तथा धामपुर में 100 खाद्यान्न किटों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि गंगा नदी खतरे के निशान से 80 सेमी नीचे तथा खो नदी खतरे के निशान से 100 सेंटीमीटर नीचे प्रवाहित हो रही है। डीएम ने बताया कि आज दोपहर 12:00 बजे तक गंगा नदी के जलस्तर एवं डिस्चार्ज की स्थिति गंगा नदी 219.20 (मी0)/129737 क्यूसेक तथा खो नदी 224.25 (मी0)/7753 क्यूसेक रही।
जिलाधिकारी श्रीमती कौर ने यह भी बताया कि तहसील चांदपुर एवं धामपुर में पीएसी की 1-1 बटालियन, बिजनौर में एनडीआरएफ तथा चांदपुर में एसडीआरएफ की एक-एक बटालियन बाढ़ से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए कैंप की हुए हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तहसील वार आयोजित मेडिकल कैंपों की जानकारी देते हुए बताया कि तहसील धामपुर के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में 19, चांदपुर में 14, बिजनौर एवं नजीबाबाद में 10-10 तथा नगीना तहसील में 8 मेडिकल कैंपों का आयोजन कर बाढ़ प्रभावितों को चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।